देहरादून में फर्जी हस्ताक्षर कर चार कंपनियों से निदेशक पद से हटाने का आरोप, मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार
देहरादून। देहरादून पुलिस ने फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर चार कंपनियों में एक महिला को निदेशक पद से हटाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) उनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को रेखा आर्य ने कैंट कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने पूर्व में विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह किया। इसके बाद उनके साथ गाली-गलौच और मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाया हुआ दर्शाया गया।
नौ सदस्यीय एसआईटी का किया गया गठन
पुलिस ने शिकायत के आधार पर कैंट कोतवाली में मुकदमा संख्या 158/26 दर्ज किया। इसमें भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। जांच के दौरान एसआईटी ने मामले से संबंधित ऑडियो क्लिप कब्जे में ली और विभिन्न गवाहों के बयान दर्ज किए।
पुलिस के मुताबिक, गवाहों के बयानों और प्राप्त दस्तावेजों की जांच में आरोप सामने आए कि गिरधारी लाल साहू ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर किए और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया।
इन चार कंपनियों से जुड़ा है मामला
जांच में जिन चार कंपनियों का नाम सामने आया है, वे हैं:
- देवों के देव महादेव
- बनखंडी रुद्राक्ष धाम
- श्री अम्बे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड
- श्री बनखंडी धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड
जांच के दौरान सतेंद्र राठौर की कथित संलिप्तता सामने आने पर उसका नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया।
झांसी और बरेली से हुई गिरफ्तारी
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर भेजी गई थीं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने 6 नवंबर 2026 को मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया। वहीं, उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा इलाके से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- गिरधारी लाल साहू (61 वर्ष): पुत्र रामस्वरूप, निवासी श्री बनखंडी नाथ मंदिर, बरेली।
- सतेंद्र राठौर (40 वर्ष): पुत्र हरिप्रसाद, निवासी जोगी नवादा, बरेली।
मुख्य आरोपी पर 44 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जानकारी मिली कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत अलग-अलग अपराधों से जुड़े 44 मुकदमे दर्ज हैं।
फिलहाल एसआईटी दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

