UP Assembly Election 2027: बीजेपी ने सपा पर लगाया माफियाराज का आरोप, भदोही के कालीन उद्योग को बताया विकास की पहचान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर माफियाराज का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भदोही के कालीन उद्योग और वहां आयोजित होने वाले कार्पेट एक्सपो का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने भदोही के कालीन उद्योग को नई पहचान दिलाने में भूमिका निभाई है।
भदोही के कालीन उद्योग पर बीजेपी का फोकस
भदोही में 50वें इंटरनेशनल कारपेट एक्सपो का आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अक्टूबर को एक्सपो का उद्घाटन करने वाले हैं। इस दौरान जिले को 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पहले निवेशक सम्मेलन और एक्सपो जैसे बड़े आयोजन मुख्य रूप से नोएडा तक सीमित माने जाते थे, लेकिन अब भदोही जैसे जिलों में भी इस तरह के आयोजन हो रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि इससे स्थानीय उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिल रहा है।
सपा शासन को लेकर बीजेपी का हमला
राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में प्रदेश में माफियाराज का प्रभाव अधिक था। बीजेपी ने इस राजनीतिक आरोप को मौजूदा सरकार के विकास और कानून-व्यवस्था के दावों के मुकाबले के तौर पर पेश किया है। हालांकि, माफियाराज से जुड़ा यह बीजेपी का राजनीतिक आरोप है।
बीजेपी ने मिर्जापुर और भदोही की पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि अब इन क्षेत्रों को कालीन उद्योग के लिए पहचान मिल रही है। पार्टी ने वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ के ‘कालीन भैया’ जैसे काल्पनिक माफिया किरदार के संदर्भ का भी इस्तेमाल अपनी राजनीतिक बात रखने के लिए किया।
ODOP योजना को बताया बदलाव का आधार
बीजेपी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक जिला-एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के जरिए भदोही के कालीन उद्योग को बाजार और नई पहचान मिली है। पार्टी का कहना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से जिलों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
भदोही में होने वाले कार्पेट एक्सपो को भी इसी आर्थिक गतिविधि से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक इस आयोजन में विदेशी खरीदारों की भागीदारी है और निर्यात कारोबार को बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। बीजेपी जहां अपनी सरकार के कामकाज और विकास योजनाओं को मुद्दा बना रही है, वहीं समाजवादी पार्टी विपक्षी गठबंधन के साथ चुनावी रणनीति तैयार कर रही है।
हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा कि विपक्षी गठबंधन के लिए सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण गठबंधन की जीत है। उन्होंने एकजुट होकर लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर आगे बढ़ने की बात कही।
ऐसे में भदोही का कार्पेट एक्सपो भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया है। बीजेपी इसे स्थानीय उद्योग, निवेश और विकास से जोड़ रही है, जबकि चुनाव से पहले सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
भदोही को विकास के नए केंद्र के तौर पर पेश कर रही बीजेपी
बीजेपी का कहना है कि भदोही जैसे जिलों में निवेशक सम्मेलन और उद्योग आधारित आयोजन होने से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ा है। पार्टी के अनुसार कालीन उद्योग के जरिए भदोही को देश और विदेश के बाजार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में विकास, कानून-व्यवस्था, उद्योग और रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। भदोही का कालीन उद्योग और ODOP योजना भी इसी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं।

