Uttarakhand Global Employment Scheme: CM धामी की पहल से 106 युवाओं को विदेश में मिली नौकरी, 158 भाषा प्रशिक्षण केंद्र संचालित
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक प्रदेश के 106 युवा विदेशों में नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रदेश में जर्मन और जापानी भाषा के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तरकाशी और टिहरी जनपदों में भी जल्द ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।
राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को आवश्यक कौशल और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण देकर वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ भी गठित किया गया है, जो योजना के क्रियान्वयन और विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को तलाशने का काम कर रहा है।
मई 2023 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर मई 2023 में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को मंजूरी दी गई थी। इस योजना के माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं को केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए युवाओं को संबंधित देशों की भाषा, कौशल और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है।
देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में चल रहे प्रशिक्षण केंद्र
विदेश में रोजगार प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जर्मन और जापानी भाषा के केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं। वहीं, अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22 तथा बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषा का ज्ञान दिया जा रहा है, ताकि वे विदेशों में नौकरी के दौरान संवाद करने और अपने कार्य को बेहतर ढंग से करने में सक्षम हो सकें।
जर्मनी और जापान के लिए चल रहे विशेष बैच
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न जनपदों में विदेशी भाषा प्रशिक्षण के विशेष बैच भी संचालित किए जा रहे हैं।
- देहरादून: जर्मनी के लिए 4 बैच और जापान के लिए 2 बैच।
- अल्मोड़ा: जर्मनी के लिए 1 बैच।
- बागेश्वर: जापान के लिए 1 बैच।
इन बैचों के माध्यम से युवाओं को संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप भाषा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को विदेशों में नौकरी हासिल करने में सहायता मिल सके।
जापान, जर्मनी और सऊदी अरब में 106 युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक 106 युवा विदेशों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। इनमें 75 युवा जापान, 1 युवा जर्मनी और 30 युवा सऊदी अरब में कार्यरत हैं।
ये युवा हेल्थ, हॉस्पिटैलिटी और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार इन उपलब्धियों को योजना की प्रगति के रूप में देख रही है और अधिक युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास कर रही है।
तीन अन्य देशों में भी रोजगार की संभावनाएं तलाश रही सरकार
उत्तराखंड सरकार अब युवाओं के लिए दूसरे देशों में भी रोजगार के अवसर तलाश रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आए जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ बैठक की।
इस दौरान तीनों देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब इन देशों की जरूरतों के अनुसार उत्तराखंड के युवाओं को प्रशिक्षित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि जिन देशों में कुशल कामगारों की मांग है, वहां की आवश्यकताओं को समझकर युवाओं को उचित प्रशिक्षण दिया जाए। इससे विदेशों में रोजगार के नए अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
उत्तरकाशी और टिहरी में भी खुलेंगे विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र
प्रदेश में विदेशी भाषा प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए उत्तरकाशी और टिहरी जनपदों में भी जल्द ही प्रशिक्षण केंद्र खोले जाने की योजना है। इससे इन जिलों के युवाओं को विदेशी भाषा सीखने के लिए दूसरे जनपदों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार का जोर है कि पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर उपलब्ध हों। प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार इसी दिशा में उठाया जा रहा कदम है।
वैश्विक रोजगार के लिए युवाओं को तैयार कर रही धामी सरकार
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि कौशल विकास, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं की पहचान के जरिए उत्तराखंड के युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य तथ्य एक नजर में
- योजना के तहत अब तक 106 युवाओं को विदेश में रोजगार मिला।
- जापान में 75, जर्मनी में 1 और सऊदी अरब में 30 युवा कार्यरत हैं।
- जर्मन और जापानी भाषा के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं।
- उत्तरकाशी और टिहरी में भी विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना है।
- जमैका, इथियोपिया और जाम्बिया में भी रोजगार की संभावनाएं तलाशने पर काम किया जा रहा है।

