योगी कैबिनेट के 39 बड़े फैसले: पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण, होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर, 18 शहरों में चलेंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्तियों में आरक्षण, होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, 18 शहरों में 1,725 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, किसानों से धान खरीद और प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
इसके अलावा जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने, भदोही का नाम संत रविदासनगर भदोही करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी देने और आयुर्वेद, यूनानी तथा होम्योपैथी के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
1. पूर्व अग्निवीरों को चार विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण
योगी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में अवसर देने के लिए भर्ती नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की संबंधित भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट भी दी जाएगी। इसके तहत 25 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा वाली संबंधित भर्तियों में पात्र अभ्यर्थियों को 28 वर्ष तक अवसर मिल सकेगा।
इसके अलावा, पात्र पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का फैसला किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण कराना होगा। सरकार का उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान हासिल प्रशिक्षण और अनुभव का लाभ राज्य के विभागों को दिलाना तथा युवाओं को रोजगार के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
2. होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर
कैबिनेट ने होली और दिवाली के अवसर पर पात्र लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 2,142 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार का कहना है कि एलपीजी के इस्तेमाल से पारंपरिक ईंधन, जैसे लकड़ी और उपलों से निकलने वाले धुएं के दुष्प्रभाव कम करने में मदद मिलती है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों तक त्योहारों के समय सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
इस फैसले से योजना के पात्र लाभार्थियों को त्योहारों के दौरान रसोई गैस पर होने वाले खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।
3. 18 शहरों में चलेंगी 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें
प्रदेश की नगरीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 18 शहरों में 1,725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस योजना में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा-जेवर सहित 18 शहर शामिल हैं।
बसों के संचालन के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट यानी GCC मॉडल अपनाया जाएगा। इसके तहत निजी ऑपरेटर बसों की खरीद, चार्जिंग उपकरणों की व्यवस्था, चालकों और तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
यात्रियों से लिया जाने वाला किराया राज्य सरकार तय करेगी। योजना के अनुसार, 12 मीटर लंबी बस पर 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान देने का प्रावधान है। व्यावसायिक संचालन शुरू होने की तारीख से अनुबंध की अवधि 12 वर्ष होगी।
4. लखनऊ में बनेगा इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल
राजधानी लखनऊ के वृंदावन विहार योजना क्षेत्र में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 265 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बस टर्मिनल का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर ओमैक्स लिमिटेड के साथ किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, वाणिज्यिक क्षेत्र को 90 वर्ष की लीज और बस टर्मिनल को 30 वर्ष की लीज पर देने की व्यवस्था होगी।
इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी में बस परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना और यात्रियों को व्यवस्थित टर्मिनल उपलब्ध कराना है।
5. उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन यानी UP-AIM की स्थापना, क्रियान्वयन और संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस मिशन के तहत तीन समितियां गठित किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एपेक्स कमेटी, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति और प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में दूसरी समिति शामिल होगी।
मिशन के संचालन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO और अन्य पदों की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के सभी 75 जिलों में AI केंद्र स्थापित करने और वहां AI फेलो तैनात करने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी कामकाज, तकनीकी नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
6. भदोही का नाम होगा संत रविदासनगर भदोही
कैबिनेट ने भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदासनगर भदोही’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह फैसला प्रदेश में जिले के नामकरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों में शामिल है। नाम परिवर्तन को लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
7. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगी अतिरिक्त साड़ी
प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
इसके तहत लगभग 3.90 लाख लाभार्थियों के लिए साड़ियों की व्यवस्था की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है।
8. मेडिकल इंटर्न का भत्ता 7,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपये
योगी कैबिनेट ने आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों तथा संस्थानों से बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
प्रस्ताव के अनुसार, इंटर्नशिप भत्ता 7,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया जाएगा। इससे संबंधित पाठ्यक्रमों के पात्र इंटर्न को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
9. धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 65 लाख टन
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP योजना के अंतर्गत धान खरीद नीति को मंजूरी दी है।
सरकार ने इस बार 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले वर्ष लगभग 62 लाख टन धान की खरीद की गई थी।
खरीद कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में खरीद 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित की गई है।
सरकार ने धान खरीद के लिए आवश्यक बोरों की व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी दी है।
10. मक्का का MSP बढ़ाकर 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
कैबिनेट बैठक में मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी फैसला लिया गया। मक्का का खरीद मूल्य पिछले वर्ष के मुकाबले 10 रुपये बढ़ाकर 2,410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराने और सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत करना है।
11. उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इस योजना से संबंधित विस्तृत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी लागू किए जाने वाले सरकारी आदेशों के माध्यम से स्पष्ट होगी।
12. स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को हरी झंडी
प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप से जुड़े नवाचार और सरकारी खरीद व्यवस्था में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। योजना के विस्तृत नियम और क्रियान्वयन की प्रक्रिया संबंधित विभाग की ओर से निर्धारित की जाएगी।
13. विकास प्राधिकरण से वंचित निकायों को राहत
कैबिनेट ने ऐसे स्थानीय निकायों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया, जहां विकास प्राधिकरण नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 762 निकायों में से 559 के पास विकास प्राधिकरण नहीं है।
इन निकायों में नगर पालिकाओं को विकास प्राधिकरण की तर्ज पर भवनों के नक्शे मंजूर करने का अधिकार देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।
14. जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव
कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। एयरपोर्ट से क्षेत्र में आवागमन, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट की मंजूरी नामकरण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इसे औपचारिक रूप से लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और अन्य अनुमोदन प्रक्रियाएं पूरी की जानी होंगी।
15. प्रधानमंत्री की 25 साल की सार्वजनिक सेवा यात्रा का अभिनंदन
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा के अभिनंदन में विशेष प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, मेट्रो, नमो भारत ट्रेन, रोजगार, आवास, स्वास्थ्य और किसान कल्याण जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों का उल्लेख किया। बैठक में विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने के संकल्प को भी दोहराया गया।
योगी कैबिनेट के फैसलों का क्या होगा असर?
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में मंजूर प्रस्तावों का असर रोजगार, किसानों, शहरी परिवहन, तकनीकी विकास और स्थानीय प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और आयु सीमा में छूट से सरकारी भर्ती के अवसर बढ़ेंगे। मुफ्त सिलेंडर योजना से पात्र परिवारों को त्योहारों पर राहत मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों और नए बस टर्मिनल से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास होगा। वहीं, AI मिशन, स्टार्टअप क्रय योजना और किसानों के लिए खरीद नीति से जुड़े फैसले प्रदेश में तकनीकी नवाचार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संबंधित विभागों को इन फैसलों को लागू करने के लिए नियम, अधिसूचनाएं और कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

