मिशन शक्ति के तहत कक्षा 6 की छात्रा पायल दीक्षित बनीं एक दिन की DM, जनसुनवाई में सुनीं 6 शिकायतें
उत्तर प्रदेश Payal Dixit One Day DMके फर्रुखाबाद में मिशन शक्ति अभियान के तहत एक अनोखी पहल देखने को मिली, जहां कक्षा छह में पढ़ने वाली पायल दीक्षित को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरगांव की छात्रा पायल ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई की और छह फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जमीन पर कब्जे, अतिक्रमण, जाम, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण और आवास से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। पायल ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना और उनमें आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता तथा नेतृत्व के गुण विकसित करना है। जनसुनवाई के दौरान पायल ने फरियादियों की बातें ध्यान से सुनीं और अधिकारियों की भूमिका को करीब से समझा। हालांकि, यह जिम्मेदारी प्रतीकात्मक थी और शिकायतों पर आगे हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जनसुनवाई पूरी होने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने पायल दीक्षित को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से बालिकाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। पायल पढ़ाई में अच्छी हैं और अपनी कक्षा की मॉनिटर भी हैं। उन्होंने भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर जनता की सेवा करने की इच्छा जताई।
शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। इसके तहत छात्राओं को प्रशासनिक कार्यालयों, पुलिस थानों और अन्य सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली समझने के अवसर दिए जा रहे हैं। ऐसी पहल से बालिकाओं को भविष्य में प्रशासन, शिक्षा, पुलिस और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।
पायल दीक्षित के लिए एक दिन की जिलाधिकारी बनने का अनुभव न सिर्फ यादगार रहा, बल्कि प्रशासनिक कामकाज और आम लोगों की समस्याओं को समझने का अवसर भी बना। यह पहल बालिकाओं को बड़े सपने देखने और मेहनत से उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने का संदेश देती है।

