कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, बच्चों की सुरक्षा की मांग
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पारिवारिक विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरी महिला से विवाह होने की जानकारी सामने आने के बाद दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चलने की बात कही जा रही है। रेखा आर्य ने अपने दो नाबालिग बच्चों की सुरक्षा की मांग भी पुलिस से की है। इतना ही नहीं, उन्होंने एक महिला की कथित ऑडियो क्लिप भी पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपी है। इस पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री ने वीडियो जारी कर अपने साथ मानसिक उत्पीड़न किए जाने के आरोप लगाए हैं।
उत्तराखंड की राजनीति में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़ा यह मामला चर्चा में है। रेखा आर्य के मुताबिक, उनके वैवाहिक जीवन से जुड़ा विवाद अब गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने अपने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपने दो नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
रेखा आर्य ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात सार्वजनिक की है। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह अपने वैवाहिक जीवन में ईमानदारी और समर्पण की भावना के साथ रहीं, लेकिन पति की दूसरी शादी की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें रिश्ते की हकीकत का पता चला। मंत्री ने अपने साथ मानसिक उत्पीड़न किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर उनके पति का पक्ष और पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

रेखा आर्य के अनुसार, वर्ष 2004 में उनका विवाह बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी से हुआ था। उनका आरोप है कि विवाह के समय उन्हें पति के अविवाहित होने की जानकारी दी गई थी। अब दूसरी शादी से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। मंत्री ने एक महिला की कथित ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी है और मामले में कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि रेखा आर्य उत्तराखंड की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभालती हैं। ऐसे में उनके अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े आरोपों को लेकर जारी वीडियो ने मामले को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच, शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्ष के जवाब पर टिकी हैं।
फिलहाल इस मामले में शिकायत और मंत्री की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

