ध्रुव राठी के घर के मेन गेट पर चिपकाया गया कोर्ट का समन, आपराधिक मानहानि मामले में कार्रवाई तेज
गुरुग्राम/नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट की ओर से जारी समन उनके गुरुग्राम स्थित घर के मुख्य गेट पर चिपका दिया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष को अदालत के स्टाफ के साथ जाकर समन तामील कराने की अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इस मामले में समन की तामील को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। अब ध्रुव राठी के घर के मुख्य गेट पर नोटिस लगाए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
शिकायतकर्ता को मिली थी समन चिपकाने की अनुमति
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष के मुताबिक, अदालत ने समन की तामील के लिए शिकायतकर्ता को अदालती स्टाफ के साथ ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर जाने की अनुमति दी थी। इसके बाद घर के मुख्य गेट पर समन चिपकाया गया।
अदालत की प्रक्रिया के तहत समन का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को मामले की जानकारी देना और न्यायिक कार्यवाही में उपस्थित होने का अवसर उपलब्ध कराना होता है। हालांकि, समन चिपकाए जाने का मतलब यह नहीं है कि मामले में आरोप साबित हो गए हैं।
जुलाई 2019 में पहली बार जारी हुआ था समन
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस मामले में पहली बार जुलाई 2019 में समन जारी किया गया था। इसके बाद समन की तामील को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलती रही। मौजूदा कार्रवाई उसी प्रक्रिया से जुड़ी बताई जा रही है।
अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत पर सुनवाई के दौरान समन की तामील महत्वपूर्ण कदम होता है, क्योंकि इससे संबंधित पक्ष को न्यायिक कार्यवाही की सूचना देने का प्रयास किया जाता है।
क्या है आपराधिक मानहानि का मामला?
ध्रुव राठी के खिलाफ यह मामला आपराधिक मानहानि की शिकायत से जुड़ा है। ऐसे मामलों में अदालत शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाती है। शिकायत दर्ज होना या समन जारी होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है।
इस मामले में आगे की कार्यवाही अदालत के निर्देशों और सुनवाई के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।

