MDDA ने इंजीनियर्स एन्कलेव में अवैध व्यावसायिक निर्माण किया सील, बिना नक्शा स्वीकृति के बन रहे थे टिन शेड और कमरे
देहरादून, 16 अक्टूबर। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने कावली क्षेत्र स्थित इंजीनियर्स एन्कलेव में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण को सील कर दिया। मौके पर टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
प्राधिकरण के अनुसार, भवन निर्माण से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना निर्माण कार्य किया जा रहा था। मामले में नोटिस जारी करने, संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने और अभिलेखों की जांच के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था व्यावसायिक निर्माण
MDDA से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून में व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण के मुताबिक, निर्माण के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था।
मामले का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 में उत्तराखंड के लिए किए गए संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए।
प्राधिकरण ने मामले में वाद दायर कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की, ताकि संबंधित पक्ष का जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा सके।
सुनवाई में स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज नहीं किए गए प्रस्तुत
प्राधिकरण ने इस मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई में उपस्थित हुआ। हालांकि, MDDA के अनुसार, व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।
प्राधिकरण ने संबंधित पक्ष की ओर से दिए गए जवाब को भी संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए मौके पर किए गए निर्माण को सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस बल मौजूद रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्राधिकरण की कार्रवाई को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।
अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा MDDA
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों पर निगरानी रखी जा रही है।
प्राधिकरण का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इसके तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
MDDA ने नागरिकों से अपील की है कि भवन निर्माण या व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें। इससे नियमों के उल्लंघन और सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचा जा सकता है।
बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष MDDA ने क्या कहा?
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति के लिए प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम नागरिकों से भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करने तथा आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण शुरू करने की अपील की।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कार्रवाई को लेकर दी जानकारी
MDDA के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण के मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देता है।
उन्होंने बताया कि इंजीनियर्स एन्कलेव के मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
सचिव ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

