कपिल सिब्बल का राजनाथ सिंह पर निशाना, बोले- कांग्रेस नहीं, जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन
उपशीर्षक: रक्षा मंत्री के ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान पर राज्यसभा सांसद ने किया पलटवार, कहा- अब सरकार के जाने का वक्त आ गया है।
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयान पर निशाना साधा है। सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन नहीं चाहती, बल्कि देश की जनता खुद सरकार बदलना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि अब मौजूदा सरकार के जाने का समय आ गया है।
कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपनी बात रखी। उन्होंने सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बदलने की मांग कांग्रेस की ओर से नहीं, बल्कि जनता की ओर से उठ रही है। उनके बयान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हालिया टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनाथ सिंह के बयान पर सिब्बल का पलटवार
कपिल सिब्बल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर ‘रिजीम चेंज’ का मुद्दा उठाया था। इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
सिब्बल ने अपने पोस्ट में बांग्लादेश का संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस वहां की तरह सत्ता परिवर्तन नहीं चाहती। उनके मुताबिक, भारत में जनता खुद सरकार बदलने का फैसला करना चाहती है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि अब उसके जाने का वक्त आ गया है।
विपक्षी नेताओं ने भी उठाए सवाल
सत्ता परिवर्तन और कथित चुनावी गड़बड़ियों के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कपिल सिब्बल के अलावा पवन खेड़ा और जयराम रमेश जैसे कांग्रेस नेताओं ने भी इस राजनीतिक विवाद पर अपनी बात रखी है।
विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं के बयान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
‘रिजीम चेंज’ पर बढ़ी राजनीतिक बहस
‘रिजीम चेंज’ यानी सरकार या सत्ता व्यवस्था में बदलाव का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कपिल सिब्बल ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार बदलने की मांग को केवल कांग्रेस से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
हालांकि, सत्ता परिवर्तन को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने तर्क हैं। इस पूरे विवाद के बीच चुनावी प्रक्रिया, जनता की भूमिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
नोट: कपिल सिब्बल की टिप्पणी उनके राजनीतिक विचार और दावा है। सरकार बदलने को लेकर जनता की व्यापक राय का निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र सर्वेक्षण या अन्य ठोस आंकड़ों की जरूरत होगी।

