कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ जैसे हालात, कई लोग घायल; अस्पताल पहुंचाए गए पीड़ित
सप्तमी की शाम भीड़ के दबाव के बीच हुआ हादसा, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने संभाला मोर्चा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के जश्न के बीच सप्तमी की शाम एक बड़ा हादसा हो गया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। शुरुआती खबरों के मुताबिक, पंडाल के एक हिस्से के ढहने और लोगों की भीड़ के दबाव के कारण अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं।
घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में कम से कम 25 लोगों के घायल होने की बात कही गई। बताया गया कि बारिश शुरू होने के बाद पंडाल के बाहर इंतजार कर रही भीड़ अचानक आगे बढ़ी, जिससे कुछ लोग गिर पड़े और भगदड़ जैसे हालात बन गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। <
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सप्तमी के अवसर पर चोरबागान पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। भीड़ का दबाव बढ़ने और बारिश के बीच हालात बिगड़ने की शुरुआती जानकारी सामने आई है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई या नहीं, इसकी विस्तृत पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद पंडाल में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने और राहत कार्यों पर ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां घायलों की स्थिति का जायजा लिया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को इलाज उपलब्ध कराना और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाना रही।
ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। <
राज्यपाल ने भी जताई संवेदना
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने भी दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे और लोगों के प्रभावित होने पर दुख व्यक्त किया। घटना ने त्योहार के दौरान बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।
मृतकों की संख्या पर आधिकारिक पुष्टि जरूरी
हादसे के तुरंत बाद अलग-अलग रिपोर्टों में नुकसान को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। शुरुआती रिपोर्टों में कई लोगों के घायल होने की जानकारी थी, जबकि कुछ बाद की खबरों में मौतों की आशंका और संख्या का भी उल्लेख किया गया। इसलिए मृतकों की अंतिम संख्या और घायलों की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए।
निष्कर्ष: कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम हुई इस घटना से पूजा आयोजन के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। राहत एवं उपचार के साथ-साथ हादसे की परिस्थितियों की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

