UPES के 24वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, बोले- युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं से रोजगार लेने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में व्यवहार, विनम्रता और संस्कार ही व्यक्ति की असली पहचान तय करते हैं।
देहरादून, 22 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के बिधौली स्थित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के छह प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया और उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में देश के युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवाओं की प्रतिभा, मेहनत, लगन और नवाचार की क्षमता ही भारत को विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करने का आधार बनेगी। 
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों को स्वीकार करने की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान, कौशल और क्षमताओं का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया।
छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से किया सम्मानित
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन का नया अध्याय शुरू हो रहा है। विश्वविद्यालय में प्राप्त शिक्षा अब उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करेगी।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन, लगन और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है। युवाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे किसी भी परिस्थिति में सीखना बंद न करें और अपनी योग्यता का उपयोग सकारात्मक कार्यों के लिए करें।
व्यवहार, विनम्रता और संस्कार ही व्यक्ति की असली पहचान: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों को जीवन में मानवीय मूल्यों के महत्व के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों, पद या आर्थिक सफलता से नहीं होती, बल्कि उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अच्छे कार्य करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से वास्तविक खुशी तथा संतुष्टि मिलती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में सदैव सकारात्मक सोच रखें, दूसरों का सम्मान करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक का निर्माण करना भी है।
विकसित भारत 2047 के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से यह लक्ष्य अवश्य साकार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के युवा आज विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, उद्यमिता और नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में जहां भी जाएंगे, अपनी कार्यक्षमता, उपलब्धियों और प्रतिभा से उत्तराखंड सहित पूरे भारत का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और देश के विकास में भी सक्रिय योगदान दें।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यूपीईएस ने बनाई विशिष्ट पहचान
मुख्यमंत्री ने यूपीईएस विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, आधुनिक समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को युवाओं में नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
निबंध प्रतियोगिता में ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में आयोजित एक निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड के युवा सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों के प्रति जागरूक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सकारात्मक सोच और रचनात्मक सुझाव राज्य के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जागरूक, शिक्षित और प्रतिभाशाली युवा किसी भी राज्य तथा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस का है वर्तमान दौर
मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीकी दुनिया का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास की भूमिका लगातार बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक को अपनाने और नए कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ आगे बढ़ने वाले युवा भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे।
उत्तराखंड में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक, व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के समन्वय को भी महत्व दे रही है।
इसी उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत का समावेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक हो सकता है।
देहरादून में बन रही साइंस सिटी, नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को विज्ञान तथा तकनीक के प्रति आकर्षित करना और उन्हें अनुसंधान के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार किसी भी समाज के विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहल से उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
युवा रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि उत्तराखंड के युवा केवल सरकारी या निजी नौकरियों की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपने नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले युवा न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की रोजगार संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कानून का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उनकी मेहनत, योग्यता और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है।
विद्यार्थियों और परिजनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच भी पहुंचे।
उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, शिक्षकों और परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को सदैव याद रखने तथा जीवन में विनम्रता बनाए रखने का आह्वान किया।
दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए उपलब्धियों और नए जीवन की शुरुआत का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
उत्तराखंड को शिक्षा और तकनीक का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रदेश में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थान भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
युवाओं की सफलता से मजबूत होगा विकसित भारत का सपना
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों को मेहनत, विनम्रता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल उपाधि हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के हित में करना है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर सीखते रहने और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम, संस्कार और नवाचार की शक्ति से विकसित भारत 2047 का संकल्प साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और क्षमताओं के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त करें, बल्कि रोजगार सृजन, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

