केरल में विधायकों की सैलरी ₹1 लाख करने की तैयारी, मंत्रियों के वेतन-भत्ते भी बढ़ेंगे; 480 आईपैड खरीदने का प्रस्ताव चर्चा में
केरल में विधायकों और मंत्रियों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है। विधायकों को मिलने वाली मासिक राशि एक लाख रुपये तक करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में इस संबंध में चर्चा होने की जानकारी दी है। दूसरी ओर, विधानसभा के लिए 480 आईपैड खरीदने की निविदा भी चर्चा में है। हालांकि, वेतन बढ़ोतरी पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
तिरुवनंतपुरम, 27 अक्टूबर 2026। केरल में विधायकों और मंत्रियों के वेतन एवं भत्तों में बढ़ोतरी की संभावना के बीच राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राज्य सरकार विधायकों को मिलने वाली मासिक राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके साथ ही मंत्रियों के वेतन और भत्तों में संशोधन की संभावना भी जताई जा रही है।
केरल के संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में जानकारी दी कि विधायकों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में चर्चा की गई है।
हालांकि, प्रस्ताव को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इस संबंध में आगे की सरकारी प्रक्रिया और कैबिनेट के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विधायकों को हर महीने एक लाख रुपये देने का प्रस्ताव
केरल में विधायकों की मौजूदा वेतन एवं भत्ता व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जा रही है।
प्रस्ताव के अनुसार, विधायकों को मिलने वाली कुल मासिक राशि बढ़ाकर लगभग एक लाख रुपये की जा सकती है।
इसमें मूल वेतन के साथ विभिन्न प्रकार के भत्ते शामिल हो सकते हैं। हालांकि, वेतन और अलग-अलग भत्तों का अंतिम निर्धारण संबंधित निर्णय तथा आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आने के बाद राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है।
संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में दी जानकारी
केरल के संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में विधायकों के वेतन और भत्तों को लेकर चल रही प्रक्रिया की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में चर्चा हो चुकी है।
संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार, विपक्ष के नेता पीके कुनहलिकुट्टी और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया है।
इससे संकेत मिलता है कि प्रस्ताव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है।
हालांकि, चर्चा होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी दलों ने प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति दे दी है।
मंत्रियों के वेतन और भत्तों में भी बढ़ोतरी की तैयारी
केरल में केवल विधायकों ही नहीं, बल्कि मंत्रियों के वेतन और भत्तों में भी बदलाव का प्रस्ताव विचाराधीन है।
मौजूदा व्यवस्था के तहत मंत्रियों को वेतन के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं।
अब इन व्यवस्थाओं में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर मंत्रियों को मिलने वाली कुल मासिक राशि में भी वृद्धि हो सकती है।
हालांकि, मंत्रियों के लिए प्रस्तावित नई राशि और बढ़ोतरी के विस्तृत प्रावधानों को लेकर अंतिम आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में हुई चर्चा
विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी सदन के कामकाज और विभिन्न महत्वपूर्ण संसदीय विषयों पर विचार-विमर्श करने वाली समिति है।
विधायकों के वेतन एवं भत्तों में संशोधन के प्रस्ताव पर इस समिति में चर्चा होने से मामला औपचारिक विचार-विमर्श के स्तर तक पहुंच गया है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद आगे की प्रक्रिया निर्धारित की जा सकती है।
यदि सरकार प्रस्ताव को अंतिम रूप देती है, तो उसे लागू करने के लिए संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
विधानसभा के लिए 480 आईपैड खरीदने की निविदा
विधायकों और मंत्रियों के वेतन में संभावित बढ़ोतरी के बीच केरल विधानसभा के लिए 480 आईपैड खरीदने की निविदा भी चर्चा में है।
इस खरीद प्रक्रिया को विधानसभा के कामकाज में डिजिटल उपकरणों के उपयोग से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधानसभाओं में डिजिटल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक कार्यसूची और अन्य संसदीय सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी उपकरण उपयोगी हो सकते हैं।
हालांकि, 480 आईपैड की प्रस्तावित खरीद की कुल लागत, वितरण व्यवस्था और अंतिम खरीद आदेश से संबंधित विवरण की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही की जा सकेगी।
निविदा जारी होने और खरीद पूरी होने के बीच भी अंतर होता है। इसलिए इसे सभी उपकरणों की खरीद पूरी होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
राज्य की आर्थिक चुनौतियों के बीच प्रस्ताव पर चर्चा
केरल में वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य की आर्थिक चुनौतियां भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
राज्य सरकार के वित्तीय संसाधनों, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक खर्च को लेकर लगातार विभिन्न स्तरों पर विचार-विमर्श होता रहा है।
ऐसे में जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्तों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सरकारी खर्च तथा वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, वेतन संशोधन के पक्ष में यह तर्क भी दिया जाता है कि जनप्रतिनिधियों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों और संसदीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होती है।
इस विषय पर अंतिम निर्णय लेते समय वित्तीय प्रभाव और सार्वजनिक जवाबदेही दोनों महत्वपूर्ण होंगे।
क्या सभी विधायकों को मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी?
फिलहाल प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि विधायकों को बढ़ी हुई राशि कब से मिलने लगेगी।
यदि सरकार वेतन और भत्तों में संशोधन को मंजूरी देती है, तो उसके बाद पात्रता, प्रभावी तिथि और भुगतान संबंधी नियम स्पष्ट किए जाएंगे।
यह भी देखना होगा कि प्रस्तावित एक लाख रुपये की राशि में कौन-कौन से भत्ते शामिल होंगे और मूल वेतन का हिस्सा कितना होगा।
आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही विधायकों को मिलने वाली वास्तविक राशि और उसके स्वरूप की पुष्टि की जा सकेगी।
कैबिनेट बैठक के बाद साफ होगी स्थिति
विधायकों और मंत्रियों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
संसदीय कार्य मंत्री की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के बाद अब इस प्रस्ताव पर सरकार के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है।
कैबिनेट की बैठक और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि वेतन-भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी और नई व्यवस्था कब से लागू की जाएगी।
इसके साथ ही प्रस्तावित बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।
वेतन बढ़ोतरी और डिजिटल सुविधाओं पर सबकी नजर
केरल में विधायकों और मंत्रियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की तैयारी तथा विधानसभा के लिए 480 आईपैड खरीदने की निविदा, दोनों विषय चर्चा में हैं।
एक ओर वेतन संशोधन का प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों की सुविधाओं से जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल उपकरणों की खरीद विधानसभा की कार्यप्रणाली से संबंधित है।
दोनों मामलों में खर्च, आवश्यकता और पारदर्शिता को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल केरल में विधायकों को एक लाख रुपये मासिक वेतन एवं भत्ते देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। मंत्रियों के वेतन-भत्तों में भी संशोधन की संभावना है, लेकिन अंतिम निर्णय होना बाकी है। अब सबकी नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और कैबिनेट के फैसले पर बनी हुई है।

