Gairsain Development Projects 2026: गैरसैंण को CM धामी की बड़ी सौगात, 231.91 करोड़ की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
गैरसैंण (चमोली): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में जनपद चमोली के लिए 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का शिलान्यास और 34.04 करोड़ रुपये की छह पूर्ण योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से पेयजल आपूर्ति, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य, भू-धंसाव से सुरक्षा और पुलिस एवं अग्निशमन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गैरसैंण में पेयजल आपूर्ति के लिए बनेगा बांध
मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई योजनाओं में सबसे प्रमुख गैरसैंण शहर और आसपास की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रामगंगा नदी पर बांध निर्माण की परियोजना है। इस योजना पर 122.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस परियोजना का उद्देश्य गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाना है। इससे स्थानीय आबादी की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गैरसैंण क्षेत्र में पेयजल सुविधाओं का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। परियोजना के पूरा होने के बाद इसका लाभ किस स्तर तक मिलेगा, यह निर्माण कार्य और निर्धारित आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के कार्य
मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड स्थित बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा संबंधी कार्यों का भी शिलान्यास किया। इस परियोजना की लागत 50 करोड़ 18 लाख 68 हजार रुपये है।
भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी कार्य स्थानीय आबादी और संपत्तियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों से प्रभावित क्षेत्र में जोखिम कम करने और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राजकीय पॉलिटेक्निक गैरसैंण को मिलेगा नया भवन
शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक गैरसैंण के भवन निर्माण का शिलान्यास भी किया गया। इस परियोजना पर 12 करोड़ 16 लाख 64 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
नए भवन के निर्माण से संस्थान की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बछुवाबाण में भवन अनुरक्षण कार्य का भी शिलान्यास किया। इस कार्य की लागत 22 लाख 75 हजार रुपये है। इसका उद्देश्य अस्पताल भवन की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
सड़क संपर्क सुधारने के लिए इन मार्गों पर होगा काम
गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
इनमें 6 करोड़ 99 लाख 20 हजार रुपये की लागत से कुमोली रैवान मोटर मार्ग के किलोमीटर 2 से फरखण्डे मोटर मार्ग से संबंधित कार्य शामिल है।
वहीं, 5 करोड़ 60 लाख 50 हजार रुपये की लागत से गैरसैंण-पज्याणा मोटर मार्ग के किलोमीटर 2 से कुमोली रैवान मोटर मार्ग से संबंधित कार्यों का शिलान्यास किया गया।
इन सड़क परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क का सुधार स्थानीय लोगों की आवाजाही के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं तक पहुंच के लिए भी महत्वपूर्ण है।
34.04 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 34.04 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई छह विकास योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें सड़क सुधार, डामरीकरण, शिक्षण संस्थान के भवन और पुलिस एवं अग्निशमन सुविधाओं से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
लोकार्पित योजनाओं में 14 करोड़ 82 लाख 32 हजार रुपये की लागत से खजुरखाल-भण्डारीखोड़-कुनीगाड़ मोटर मार्ग (बछुवाबाण-चौखुटिया) का उच्चीकरण कार्य प्रमुख है।
सड़क के उच्चीकरण से संबंधित क्षेत्र में यातायात और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में ऑडिटोरियम का उद्घाटन
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में निर्मित ऑडिटोरियम भवन का भी लोकार्पण किया गया। इस भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 37 लाख 86 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
ऑडिटोरियम का उपयोग शैक्षणिक और अन्य संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजन के लिए किया जा सकेगा। इससे विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार होगा।
सारकोट और आगर-जिनगोड़ मोटर मार्ग का सुधार
सड़क सुविधाओं से जुड़ी एक अन्य परियोजना के तहत सारकोट-भराड़ीसैंण मोटर मार्ग के किलोमीटर 6 से 11 तक सुधार और डामरीकरण कार्य पूरा किया गया है। इस पर 4 करोड़ 3 लाख 41 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके अलावा कारगिल शहीद रणजीत सिंह (आगर-जिनगोड़) मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 8 तक सुधार, डामरीकरण और नवीनीकरण कार्य भी पूरा किया गया। इस परियोजना की लागत 2 करोड़ 17 लाख 98 हजार रुपये है।
इन कार्यों से सड़क की स्थिति बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गैरसैंण में फायर यूनिट और पुलिस थाने के नए भवन
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में सुरक्षा और प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण भवनों का लोकार्पण भी किया।
इनमें 4 करोड़ 37 लाख 70 हजार रुपये की लागत से निर्मित फायर यूनिट भवन और 4 करोड़ 24 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित थाना गैरसैंण भवन शामिल हैं।
फायर यूनिट भवन से अग्निशमन सेवाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं, नए पुलिस थाना भवन से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय विकास को मिलेगी मजबूती
गैरसैंण में शुरू की गई और पूरी हुई इन 12 परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। पेयजल आपूर्ति, सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
रामगंगा नदी पर प्रस्तावित बांध निर्माण से पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना है। बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा के कार्य स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण हैं। वहीं, सड़क परियोजनाओं से संपर्क सुविधाओं और पुलिस एवं अग्निशमन भवनों से सुरक्षा संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत और भरत चौधरी सहित स्थानीय विधायक अनिल नौटियाल मौजूद रहे।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी तथा अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर चमोली जिले में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। इन परियोजनाओं में पेयजल आपूर्ति के लिए रामगंगा नदी पर बांध निर्माण, भू-धंसाव से सुरक्षा, सड़क सुधार, पॉलिटेक्निक भवन और पुलिस एवं अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। योजनाओं के निर्धारित समय पर पूरा होने और प्रभावी संचालन से क्षेत्र के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

