Uttarakhand STF Kashipur Illegal Call Centre: काशीपुर में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर और डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में कथित अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर और डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया है। यह टेलीकॉम सेटअप NS Enterprise के नाम से संचालित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसटीएफ के अनुसार, शुरुआती तकनीकी जांच में SIP कनेक्शन के जरिए ILD गेटवे बाईपास और ऑटोमेटेड यानी रोबो कॉलिंग किए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच में सामने आया कि संबंधित सेटअप से 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने की जानकारी मिली थी।
एसटीएफ और दूरसंचार विभाग ने संयुक्त रूप से की कार्रवाई
उत्तराखंड में साइबर अपराधों की रोकथाम और अवैध टेलीकॉम नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए एसटीएफ लगातार तकनीकी इनपुट जुटा रही थी। इसी दौरान काशीपुर क्षेत्र में NS Enterprise के नाम से संचालित एक संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
सूचना के अनुसार, इस सेटअप के माध्यम से SIP कनेक्शन का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग गेटवे को बाईपास करने और ऑटोमेटेड कॉल किए जाने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच और निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुरादाबाद निवासी नईमुद्दीन गिरफ्तार
एसटीएफ के मुताबिक, इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के मनकुआ मकसूदपुर का निवासी है।
आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं, रुद्रपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) और 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) और 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1) और 42(3) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब बरामद उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित अवैध टेलीकॉम गतिविधियों का संचालन किस स्तर पर किया जा रहा था।
कंप्यूटर सिस्टम में मिले Linux और FreePBX से जुड़े साक्ष्य
एसटीएफ की तकनीकी जांच में कंप्यूटर सिस्टम के भीतर Linux आधारित वर्चुअल मशीन और FreePBX लॉगिन से संबंधित जानकारी मिली। इसके अलावा सिस्टम में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर, SSH क्लाइंट और WhatsApp Web से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी पाए गए।
जांच टीम ने कंप्यूटर सिस्टम के लॉग्स, वर्चुअल मशीन से संबंधित तकनीकी डेटा और संबंधित व्हाट्सऐप चैट को सुरक्षित किया है। इन चैट में SIP ट्रंक, SIP केबल और इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित बातचीत मिलने की जानकारी दी गई है।
एसटीएफ ने कंप्यूटर सिस्टम और वर्चुअल मशीन का RAM डंप तथा अन्य तकनीकी लॉग्स भी एकत्र किए हैं। इनका विश्लेषण कर सिस्टम के इस्तेमाल, डिजिटल गतिविधियों और कथित कॉलिंग नेटवर्क की कार्यप्रणाली के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जाएगी।
जियो और एयरटेल कनेक्टिविटी सहित कई उपकरण बरामद
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की टीम ने संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप से जुड़े कई उपकरण बरामद किए। इनमें जियो और एयरटेल कनेक्टिविटी से संबंधित संसाधन, SIP उपकरण, नेटवर्किंग डिवाइस और मोबाइल फोन शामिल हैं।
जांच एजेंसियां इन उपकरणों के माध्यम से संचालित गतिविधियों और उनके संभावित इस्तेमाल की पड़ताल कर रही हैं। डिजिटल लॉग्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और तकनीकी निष्कर्षों की पुष्टि जांच पूरी होने तथा संबंधित साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी।
एक महीने में अवैध टेलीकॉम सेटअप के तीन मामले दर्ज
उत्तराखंड एसटीएफ के अनुसार, अवैध सिम बॉक्स और टेलीकॉम सेटअप से जुड़े मामलों में पिछले एक महीने के दौरान तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
एसटीएफ का कहना है कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले अवैध टेलीकॉम नेटवर्क की पहचान करने और उनके संचालन पर रोक लगाने के लिए तकनीकी निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशों और उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
एसटीएफ की इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ एवं साइबर नीलेश आनंद भरणे तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में किया गया। कार्रवाई में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम शामिल रही।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। साथ ही अन्य संभावित आरोपियों और सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

