महाराष्ट्र में एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थ बेचने पर सख्ती, कंपनियों को देना होगा नष्ट करने का सबूत
FDA ने जारी किया नया आदेश, अब उत्पादक से लेकर सप्लाई चेन तक तय होगी जिम्मेदारी; आयुक्त तुकाराम मुंढे ने नियमों के पालन पर दिया जोर
मुंबई। एक्सपायरी और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय दोबारा बाजार में बेचने की शिकायतों के बाद महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कदम उठाया है। प्रशासन ने नया आदेश जारी करते हुए कंपनियों के लिए यह साबित करना जरूरी कर दिया है कि एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को वास्तव में नष्ट किया गया है। अब केवल ऐसे उत्पादों को बाजार से वापस मंगाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके सुरक्षित निपटान का प्रमाण भी देना होगा।
इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस्तेमाल के लायक नहीं बचे खाद्य पदार्थ दोबारा उपभोक्ताओं तक न पहुंचें। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन कराने के लिए प्रशासन ने उत्पादक कंपनियों और पूरी सप्लाई चेन की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है।
एक्सपायरी सामान के नष्ट होने का देना होगा प्रमाण
FDA के नए आदेश के अनुसार, कंपनियों को एक्सपायरी और खराब हो चुके खाद्य उत्पादों को नष्ट करने की प्रक्रिया का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इससे प्रशासन को यह जांचने में मदद मिलेगी कि बाजार से वापस लिए गए उत्पादों का वास्तव में निपटान किया गया है या उन्हें दोबारा बिक्री के लिए भेज दिया गया है।
इस व्यवस्था के जरिए खाद्य पदार्थों की वापसी और उनके नष्ट किए जाने की प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
उत्पादक से लेकर सप्लाई चेन तक सभी की जिम्मेदारी
FDA ने स्पष्ट किया है कि अगर एक्सपायरी खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी केवल दुकानदार या विक्रेता की नहीं होगी। उत्पादक से लेकर वितरण और सप्लाई चेन से जुड़े सभी पक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इसका मतलब है कि खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री से जुड़े कारोबारियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने क्या कहा?
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियमों का सही तरीके से पालन करवाना है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने खाद्य कारोबार से जुड़े सभी पक्षों को नियमों के प्रति जिम्मेदार रहने का संदेश दिया। प्रशासन का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को दोबारा बाजार में पहुंचने से रोका जा सके।
उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा पर जोर
खराब या एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री से लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे उत्पादों का दोबारा बाजार में पहुंचना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। महाराष्ट्र FDA का नया आदेश इसी तरह की गड़बड़ियों पर रोक लगाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
इस फैसले से कंपनियों को अपने उत्पादों की वापसी और नष्ट करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही सप्लाई चेन में शामिल सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं तक न पहुंचे।

