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Delhi Mobile Cyber Fraud Call Centre Busted, 3 Arrested for Running Call Centre in SUV

दिल्ली में SUV के अंदर चल रहा था साइबर ठगी का कॉल सेंटर, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

सबहेडिंग: पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक जगह बैठकर कॉल करने के बजाय चलती SUV को मोबाइल कॉल सेंटर की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। गाड़ी से सात मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन के जरिए पुलिस ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है।

नई दिल्ली: साइबर ठगी करने वालों ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए नया तरीका अपनाया। दिल्ली में पुलिस ने ऐसे कथित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है, जो किसी दफ्तर या एक निश्चित ठिकाने से नहीं, बल्कि SUV के अंदर से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान गाड़ी से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी चलती SUV को मोबाइल कॉल सेंटर की तरह इस्तेमाल करते थे। इस तरीके से वे अपनी लोकेशन बदलते रहते थे, ताकि पुलिस के लिए उनकी गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

चलती SUV में बनाया था मोबाइल कॉल सेंटर

जांच में सामने आया कि आरोपी एक निश्चित जगह पर बैठकर लोगों को फोन करने के बजाय SUV के अंदर से अपना कथित ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। गाड़ी में कई मोबाइल फोन रखे गए थे, जिनका इस्तेमाल कॉल करने और नेटवर्क से जुड़े कामों के लिए किया जा रहा था।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान SUV से सात मोबाइल फोन बरामद किए। इन मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि इनके जरिए किन लोगों से संपर्क किया गया और ठगी की गतिविधियों को किस तरह अंजाम दिया जाता था।

बैंक खाते से खुला ठगी के नेटवर्क का रास्ता

पुलिस की जांच में हिमांशु राठौर से जुड़े एक बैंक खाते पर भी ध्यान गया। इस खाते में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की।

बैंक खाते से जुड़े लेनदेन और अन्य जानकारियों के आधार पर कथित साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की गई। जांच के दौरान तीन आरोपियों तक पुलिस पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

तीनों आरोपियों की अलग-अलग भूमिका

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की भूमिका अलग-अलग थी। जांच में लोकेश तोमर की भूमिका नेटवर्क के कामकाज में तालमेल बैठाने वाले व्यक्ति के रूप में सामने आई है। उस पर ठगी से जुड़े कामों को समन्वित करने का शक है।

पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन और बैंक खातों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली समझने की कोशिश की जा रही है।

कितने लोगों से हुई ठगी, पुलिस कर रही जांच

फिलहाल पुलिस बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों और मोबाइल फोन की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। मोबाइल कॉल सेंटर के रूप में SUV के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

पुलिस की जांच में सामने आने वाली बैंकिंग और डिजिटल जानकारियों से इस कथित साइबर ठगी नेटवर्क के दायरे का पता चलने की उम्मीद है।

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