खटीमा कैंप कार्यालय में CM धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश
खटीमा, 3 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा स्थित कैंप कार्यालय में आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें और क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। लोगों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को आसानी से सरकारी सेवाओं का लाभ मिले और उनकी शिकायतों का प्रभावी समाधान हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र को अपनाकर कार्य कर रही है। प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करना और जनता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों पर की चर्चा
जनता से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की और खटीमा क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को मजबूत बनाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता से मिलने वाले सुझाव क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार जनता की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ मिले।

