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Punjab DA Arrears Case 2026: Supreme Court Relief for Bhagwant Mann Government

पंजाब में DA बकाया पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, CM भगवंत मान सरकार को राहत

चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने पंजाब के मुख्य सचिव के खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इस फैसले से मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मामला अभी भी बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान को लेकर ठोस योजना पेश करने को कहा है। सरकार को यह बताना होगा कि मार्च 2027 तक कितनी राशि कर्मचारियों और पेंशनर्स को दी जा सकती है। मामले में अगली सुनवाई 1 दिसंबर को निर्धारित की गई है।

मुख्य सचिव के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर रोक

पंजाब में DA बकाया भुगतान को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को अवमानना मामले में नोटिस जारी किया था और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी। अदालत ने संबंधित दीवानी अवमानना मामले में भी फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। इससे राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने और भुगतान की योजना तैयार करने का समय मिल गया है।

32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी

कर्मचारियों और पेंशनर्स के बकाया भुगतान का मुद्दा पंजाब सरकार के लिए आर्थिक चुनौती बना हुआ है। अदालत में पेश स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2021 से सितंबर 2026 तक महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का बकाया लगभग 22,818 करोड़ रुपये बताया गया है। कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़ी कुल लंबित देनदारी लगभग 32,418 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सरकार का कहना है कि एक साथ पूरी राशि जारी करने से राज्य के खजाने पर भारी दबाव पड़ सकता है। इसलिए भुगतान के लिए चरणबद्ध योजना तैयार करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से इस दिशा में स्पष्ट प्रस्ताव देने को कहा है।

CM भगवंत मान ने किया था 3% DA बढ़ाने का ऐलान

इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है। इसका भुगतान नवंबर के वेतन और पेंशन के साथ दिसंबर में किए जाने की घोषणा की गई थी।

इस फैसले से करीब चार लाख सरकारी कर्मचारियों और 3.5 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से राज्य पर लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

कर्मचारी संगठनों की मांगें अब भी बरकरार

दूसरी ओर, कर्मचारी संगठन सरकार के इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि केंद्र सरकार के बराबर 63 प्रतिशत DA दिया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए और लंबित भत्तों का भुगतान किया जाए।

कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश पंजाब सरकार के लिए तत्काल राहत जरूर है, लेकिन DA बकाया भुगतान का मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है।

अब सभी की नजरें 1 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेंगी। इस दौरान सरकार को अदालत के सामने भुगतान की योजना और अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर जानकारी देनी होगी।

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