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Ayodhya Deepotsav 2026: 30 Lakh Diyas, 2,100 Drones and Grand Ramayana Celebrations

अयोध्या दीपोत्सव 2026: 30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, 2100 स्वदेशी ड्रोन दिखाएंगे रामायण के प्रसंग

अयोध्या: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था, भक्ति और भव्यता के ऐतिहासिक उत्सव की गवाह बनने जा रही है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण को यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार दीपोत्सव में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 2100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा। आयोजन में परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

इस वर्ष दीपोत्सव का आयोजन कई मायनों में खास होने जा रहा है। कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता, रामायण की गौरवशाली परंपरा और अयोध्या की धार्मिक पहचान को भव्य तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख दीप

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस बार दीपोत्सव के दसवें संस्करण में 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है।

दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी। उस समय करीब 1.71 लाख दीप जलाए गए थे। इसके बाद हर साल दीपों की संख्या में बढ़ोतरी होती गई।

  • वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीप जलाए गए।

  • वर्ष 2022 में 15.76 लाख दीप प्रज्वलित हुए।

  • वर्ष 2023 में 22.23 लाख दीप जलाए गए।

  • वर्ष 2024 में 25.12 लाख दीपों से रामनगरी जगमगाई।

  • वर्ष 2025 में 26.11 लाख दीप जलाए गए।

  • वर्ष 2026 में 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह अयोध्या का दीपोत्सव हर साल भव्यता के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

2100 स्वदेशी ड्रोन दिखाएंगे रामायण के प्रमुख प्रसंग

इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक का विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा। आसमान में 2100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों का प्रदर्शन किया जाएगा।

ड्रोन शो के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण दृश्यों को आकाश में आकर्षक आकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव मिलेगा।

1000 कलाकार दिखाएंगे भारत की सांस्कृतिक विविधता

दीपोत्सव की भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण की प्रमुख घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

इस आयोजन में करीब 1000 कलाकार हिस्सा लेकर देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश करेंगे। अलग-अलग राज्यों की लोककला, पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम को और भव्य बनाएंगी।

अंतरराष्ट्रीय रामलीला में विदेशी कलाकार भी होंगे शामिल

अयोध्या के रामकथा पार्क में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

असम, केरल और बंगाल सहित विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं को रामलीला और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण की परंपरा को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।

दीपोत्सव की तैयारियों में दिखेगी गंगा-जमुनी तहजीब

इस बार दीपोत्सव की तैयारियों में सामाजिक सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब की भी खास झलक देखने को मिल रही है। रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां तैयार करने में मुस्लिम कारीगर भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

यह पहल दिखाती है कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और आपसी सौहार्द का भी प्रतीक बनता जा रहा है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट

दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा तथा सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

दीपोत्सव के दसवें संस्करण पर टिकी देशभर की नजरें

अयोध्या का दीपोत्सव अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना चुका है। हर साल लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनती है।

वर्ष 2026 का दसवां दीपोत्सव 30 लाख दीपों, 2100 स्वदेशी ड्रोन, भव्य झांकियों और अंतरराष्ट्रीय रामलीला के कारण बेहद खास होने जा रहा है। इस आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने की तैयारी में है।

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