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Captain Smit Machchhar Flydubai: नेतन्याहू को सुनाई कॉकपिट हमले की पूरी कहानी, ऐसे बची 174 यात्रियों की जान

Captain Smit Machchhar Flydubai: नेतन्याहू को सुनाई कॉकपिट हमले की खौफनाक कहानी, बोले- लगा अब आखिरी लड़ाई है

नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की दुबई से इजरायल जा रही उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को हुए कॉकपिट हमले की नई और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में उस घटना का सिलसिलेवार विवरण बताया, जिसमें उनके सह-पायलट ने उन पर हमला कर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।

प्रार्थना के बाद शुरू हुआ हमला

कैप्टन स्मित मछार के मुताबिक, उड़ान सामान्य तरीके से चल रही थी। इसी दौरान सह-पायलट ने उनसे कहा कि वह कॉकपिट में प्रार्थना करना चाहता है। स्मित ने धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए अपना मुंह दूसरी तरफ कर लिया और उसे प्रार्थना करने की जगह दे दी।

करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक उन्हें सिर के पिछले हिस्से में जोरदार वार महसूस हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में कोई बड़ी तकनीकी या अन्य गंभीर समस्या हुई है। लेकिन लगातार वार होने के बाद उन्हें समझ आया कि हमला सह-पायलट कर रहा है।

लगातार होते रहे वार, धुंधली हो गई नजर

स्मित ने नेतन्याहू को बताया कि शुरुआती हमले इतने तेज थे कि उनकी दृष्टि बुरी तरह प्रभावित हो गई। उन्हें साफ दिखाई देना बंद हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की।

इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक विमान ने बहुत कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी। बाद में यात्रियों और विमानन विशेषज्ञों ने इस घटना को बेहद खतरनाक बताया।

फर्श पर पड़े थे, यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं

हमले के दौरान कैप्टन स्मित कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। उनकी आंखों के सामने सब कुछ धुंधला था और विमान तेजी से नीचे जा रहा था। इसी दौरान उन्हें यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं।

स्मित ने बताया कि उस वक्त उन्हें लगा कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो उनकी जान चली जाएगी। इसके बाद उन्होंने बची हुई ताकत जुटाई और कॉकपिट के दरवाजे की ओर बढ़ने का फैसला किया।

पहली कोशिश के बाद दोबारा खोला कॉकपिट का दरवाजा

कैप्टन ने बताया कि उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। इस दौरान हमलावर ने उसे दोबारा बंद कर दिया। लेकिन स्मित ने हार नहीं मानी।

कुछ समय बाद उन्होंने फिर से पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और अन्य लोगों को अंदर आने का मौका मिला। उन्होंने हमलावर को काबू किया और विमान का नियंत्रण वापस लेने में मदद की।

यात्रियों ने संभाला विमान

हमलावर के काबू में आने के बाद विमान को सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों और अन्य क्रू सदस्यों ने संभाली। विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।

रिपोर्टों के मुताबिक विमान में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे और घटना के बावजूद उन्हें सुरक्षित बचा लिया गया। इस पूरी घटना में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

नेतन्याहू ने कैप्टन को बताया हीरो

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बातचीत की और उनकी बहादुरी की सराहना की। नेतन्याहू ने कहा कि उनकी हिम्मत और सूझबूझ ने बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद की।

नेतन्याहू ने स्मित को इजरायल आने का निमंत्रण भी दिया और उन्हें हीरो के तौर पर सम्मानित करने की बात कही।

हमलावर की पहचान को लेकर जांच जारी

जांच में सह-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी के रूप में सामने आई है। अमेरिकी और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, वह पहले ओमान में उड़ान से जुड़ी भूमिका से हटाया जा चुका था और उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर भी जांच एजेंसियों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, घटना के अंतिम मकसद और उसके पीछे किसी संगठन की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

यूएई अधिकारियों ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है। वहीं, विमानन सुरक्षा और पायलटों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

बेहद खतरनाक स्थिति से निकला विमान

इस घटना के दौरान विमान ने बेहद तेजी से ऊंचाई खोई थी। रॉयटर्स के मुताबिक, फ्लाइट ने करीब 30 सेकंड में लगभग 16,000 फीट की ऊंचाई गंवाई। विमानन विशेषज्ञों ने इस तरह की अचानक गिरावट को यात्रियों और विमान दोनों के लिए बेहद खतरनाक बताया। इसके बावजूद विमान को नियंत्रण में लाकर सुरक्षित उतार लिया गया।

कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी के साथ-साथ यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों की त्वरित कार्रवाई को भी इस घटना में अहम माना जा रहा है। फिलहाल हमले के मकसद और सुरक्षा में हुई संभावित चूकों की जांच जारी है।

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