इमरान खान की रिहाई और इलाज की मांग पर PTI का लॉन्ग मार्च, सरकार से बातचीत रही बेनतीजा
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इमरान खान तक पहुंच और उनकी चिकित्सा सुविधाओं समेत कई मांगों को लेकर हुई बातचीत किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद PTI ने 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद की ओर प्रस्तावित लॉन्ग मार्च जारी रखने का फैसला किया है।
सरकार और विपक्षी दलों के बीच शनिवार शाम शुरू हुई दूसरे दौर की बातचीत कई घंटे चली और रविवार तड़के खत्म हुई। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। PTI की ओर से बातचीत में इमरान खान से तत्काल मुलाकात और उनके निजी डॉक्टर को उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई थी।
इमरान खान से मुलाकात की मांग
PTI ने मांग की है कि पार्टी नेताओं को जेल में बंद इमरान खान से तुरंत मिलने की अनुमति दी जाए। पार्टी यह भी चाहती है कि इमरान खान को ऐसे अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, जहां उनके निजी डॉक्टर उनकी जांच और इलाज कर सकें। इमरान खान 2023 से जेल में हैं और फिलहाल रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
इसके अलावा PTI ने पार्टी कार्यकर्ताओं और इमरान खान की बहनों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी की ओर से इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की उचित चिकित्सा जांच और उनके मामलों की निष्पक्ष सुनवाई की मांग भी रखी गई है।
बातचीत क्यों नहीं बन पाई?
बातचीत के दौरान इमरान खान तक पहुंच और उनके निजी डॉक्टर से मुलाकात का मुद्दा प्रमुख गतिरोध बना रहा। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद से निपटने में प्रांतीय और संघीय सरकार की भूमिका को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद सामने आए।
पाकिस्तान के राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया कि बातचीत मुख्य रूप से इसलिए विफल हुई क्योंकि खैबर पख्तूनख्वा सरकार भविष्य में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में संघीय सरकार के साथ सहयोग को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं दे सकी। दूसरी ओर, PTI नेताओं ने कहा कि इमरान खान से मुलाकात के मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
सरकार चाहती थी पहले मार्च वापस हो
रिपोर्टों के मुताबिक सरकार की ओर से PTI से पहले लॉन्ग मार्च वापस लेने की मांग की गई थी। इसके बाद पार्टी नेताओं को इमरान खान से मुलाकात की अनुमति देने की बात सामने आई। PTI ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया और कहा कि मार्च वापस लेने से पहले उसके प्रतिनिधियों को इमरान खान से मिलने दिया जाना चाहिए।
PTI नेता बैरिस्टर गोहर अली खान ने बातचीत के बाद कहा कि लॉन्ग मार्च का कार्यक्रम बरकरार है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का अगला दौर कब होगा, इस पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक टला मार्च
PTI ने इससे पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने की घोषणा की थी। हालांकि, सरकार की ओर से विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाए गए सुरक्षा कदमों के बाद मार्च को 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया था। अब बातचीत विफल होने के बाद पार्टी ने मार्च को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
मार्च की शुरुआत खैबर पख्तूनख्वा से होने की योजना है। प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के अनुसार अलग-अलग जिलों से समर्थक लक्की मरवत में एकत्र होंगे और इसके बाद काफिला इस्लामाबाद की ओर बढ़ेगा। आगे के चरणों में विभिन्न क्षेत्रों से समर्थकों के शामिल होने की योजना बताई गई है।
इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। सरकार ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रमुख रास्तों पर कंटेनर लगाए गए हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इमरान खान के समर्थकों का यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब PTI और संघीय सरकार के बीच राजनीतिक तनाव पहले से जारी है। बातचीत के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मुख्य मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है। अब सभी की नजर लॉन्ग मार्च की आगे की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया पर है।

