‘आंगन का मिलन’ अभियान से अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर, रेखा आर्या ने दिए 7 अक्टूबर तक 100% कवरेज के निर्देश
देहरादून, 5 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ और अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से उत्तराखंड में चलाए जा रहे ‘आंगन का मिलन’ अभियान को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने जनपदों में अब तक आयोजित किए गए ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में संचालित करीब 20 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 13 हजार से अधिक केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किया जा चुका है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
7 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 7 अक्टूबर अभियान की अंतिम तिथि है। ऐसे में जिन जनपदों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किया जाना अभी बाकी है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यक्रम पूरा किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंत्योदय के संकल्प के अनुरूप सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी और समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
केवल कार्यक्रम नहीं, सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधा संवाद
रेखा आर्या ने कहा कि ‘आंगन का मिलन’ केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मातृशक्ति, किशोरियों और नन्हे-मुन्ने बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। यहां लाभार्थियों को पोषण, स्वास्थ्य, बाल विकास और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लोगों को मौके पर ही लाभान्वित किया जा रहा है। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में अभियान के दौरान पोषण आहार, टेक होम राशन, गोदभराई, जन्मोत्सव, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और बच्चों की वृद्धि निगरानी जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
‘आंगन का मिलन’ की 100 फीसदी गूगल मैपिंग के निर्देश
विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की गूगल मैपिंग भी शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यक्रम की प्रगति और आयोजन स्थलों का प्रभावी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि अभियान की अंतिम तिथि तक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को कवर किया जाए और कार्यक्रम को सिर्फ औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। अभियान का वास्तविक उद्देश्य पात्र महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और अन्य लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
महिला एवं बाल विकास को प्राथमिकता
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार भी केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल तक पहुंचाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘आंगन का मिलन’ अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को जनसंवाद और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच का मजबूत माध्यम बनाया जा रहा है। राज्य में पहले से ही इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं तथा आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की गतिविधियां चल रही हैं।
20 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंच का लक्ष्य
प्रदेश में करीब 20 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के नेटवर्क के जरिए सरकार महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अब तक 13 हजार से अधिक केंद्रों पर ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाने के बाद शेष केंद्रों को भी 7 अक्टूबर तक अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
बैठक में अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बंसीलाल राणा सहित सभी जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी और विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ते हुए ‘आंगन का मिलन’ अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।

