अयोध्या दौरे पर अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने पूर्व मंत्री और पूर्व अयोध्या विधायक तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में हिस्सा लिया। यह आठ दिवसीय धार्मिक आयोजन है, जिसमें भगवान कृष्ण से जुड़ी कथा और धार्मिक प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव का यह दौरा करीब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है। उनके अयोध्या पहुंचने को धार्मिक कार्यक्रम के साथ-साथ राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।
संतों से लिया आशीर्वाद
भागवत कथा में शामिल होने के दौरान अखिलेश यादव ने संतों से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पवन पांडेय की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
अखिलेश ने सीएम योगी को दी चुनौती
अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो वह खुद अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़कर देखें।
अखिलेश यादव का यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आया है। समाजवादी पार्टी ने अयोध्या विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री पवन पांडेय को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
PDA और सामाजिक न्याय का जिक्र
अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए PDA और सामाजिक न्याय की बात भी कही। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने सुदामा को अपना मित्र बनाया और यह सामाजिक समानता तथा मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देता है।
सपा प्रमुख ने सत्ता के इस्तेमाल और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की चिंताओं का जिक्र किया।
विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है।
राम मंदिर दर्शन का कार्यक्रम नहीं
अखिलेश यादव के इस दौरे में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होना प्रमुख कार्यक्रम था। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक उनके निर्धारित दौरे में राम मंदिर दर्शन शामिल नहीं था। हालांकि उनके अयोध्या दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज रहीं।
समाजवादी पार्टी के लिए अयोध्या 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति में भी महत्वपूर्ण है। 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट से सपा के अवधेश प्रसाद की जीत के बाद अयोध्या की राजनीति राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही थी।
2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच अयोध्या को लेकर पहले से ही राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
अखिलेश यादव ने भागवत कथा में शामिल होकर धार्मिक कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, वहीं राजनीतिक मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देकर सियासी संदेश भी दिया। अब उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से देखा जा रहा है।

