पटना में INDIA ब्लॉक का आक्रोश मार्च
बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक ने आक्रोश मार्च निकाला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेता राजभवन की ओर बढ़े। पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेड पर चढ़ गए। बाद में पुलिस ने तेजस्वी यादव, VIP प्रमुख मुकेश सहनी और RJD सांसद मीसा भारती समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
INDIA ब्लॉक की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए गए और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
विपक्षी नेताओं ने बिहार में दोबारा चुनाव कराने की मांग भी उठाई है। हालांकि चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।
तेजस्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप
मार्च से पहले विधानसभा गोलंबर के पास तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष राजभवन तक मार्च करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव और सभी राजनीतिक दलों को बराबर मौका मिलने की मांग की।
शहीद स्मारक से शुरू हुआ मार्च
INDIA ब्लॉक का मार्च पटना में विधानसभा के सामने स्थित शहीद स्मारक से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी लोक भवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास उन्हें रोक दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक तेजस्वी यादव को सुरक्षा कारणों से वहां से हटाया गया, जबकि अन्य रिपोर्टों में उनके साथ मुकेश सहनी और मीसा भारती के हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई।
बुधवार को भी हुआ था प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी INDIA ब्लॉक ने बिहार में ‘ज्ञानेश हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन किया था। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में आक्रोश मार्च और पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इसके बाद गुरुवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम तय किया गया था।
SIR को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। INDIA ब्लॉक का कहना है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।
वहीं, चुनाव आयोग और बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन अब बिहार से बाहर भी जारी है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है।
पटना में गुरुवार का प्रदर्शन इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। विपक्षी दलों ने साफ किया है कि SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

