पिथौरागढ़ जिला न्यायालय में बनेगी तीन मंजिला पार्किंग, 43 कारों की होगी क्षमता
देहरादून, 8 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक उपयोग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में पिथौरागढ़ जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
परियोजना के पुनरीक्षित आगणन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दिए जाने के संबंध में राज्य सचिवालय में आवास विभाग की सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक हुई। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी पिथौरागढ़ और कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं, पुनरीक्षित लागत, निर्माण की आवश्यकता और पार्किंग की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पार्किंग बनने के बाद जिला न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी पार्किंग की सुविधा मिल सकेगी।
959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन पर चर्चा
जिला न्यायालय परिसर में तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण के लिए प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, पिथौरागढ़ की ओर से संशोधित विस्तृत आगणन तैयार किया गया है। तकनीकी स्वीकृति के लिए गठित टीएसी द्वारा अनुमोदित 959.47 लाख रुपये के पुनरीक्षित आगणन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के संबंध में समिति की बैठक में चर्चा हुई।
परियोजना के लिए शासन स्तर से पहले ही धनराशि जारी की जा चुकी है। शासनादेश संख्या 199681/2024, दिनांक 16 मार्च 2024 के माध्यम से कुल लागत का 40 प्रतिशत यानी 270.61 लाख रुपये अवमुक्त किए गए थे।
इसके बाद निर्माण कार्य की आवश्यकता और परियोजना में किए गए अतिरिक्त प्रावधानों के कारण अतिरिक्त धनराशि की जरूरत सामने आई। बैठक में पुनरीक्षित आगणन में हुई 282.93 लाख रुपये की वृद्धि के कारणों पर भी विस्तार से विचार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार संशोधित आगणन में इलेक्ट्रिफिकेशन, रिइनफोर्समेंट और दो लिफ्ट का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इन मदों को शामिल किए जाने के कारण परियोजना की लागत में वृद्धि हुई है।
समिति ने निर्देश दिए कि आगणन में इन मदों के कारण हुई अतिरिक्त वृद्धि को लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता लिखित रूप से स्पष्ट करें और विस्तृत जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं। इसके बाद परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
न्यायालय आने वालों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा लाभ
प्रस्तावित पार्किंग का स्थल मार्केट वाली रोड पर है। ऐसे में इसका उपयोग केवल जिला न्यायालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा। न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ आम नागरिक भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
पहाड़ी शहरों में सीमित स्थान और लगातार बढ़ते वाहनों के कारण पार्किंग की समस्या गंभीर होती जा रही है। पिथौरागढ़ भी इससे अछूता नहीं है। जिला न्यायालय परिसर के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है।
तीन मंजिला पार्किंग के निर्माण से वाहनों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा और सड़क किनारे अनियोजित पार्किंग से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी।
43 कारों की होगी पार्किंग क्षमता
प्रस्तावित पार्किंग की क्षमता 43 कारों की है। बहुमंजिला स्वरूप में विकसित किए जाने से सीमित भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। वहीं दो लिफ्ट का प्रावधान पार्किंग के विभिन्न स्तरों तक लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगा।
पार्किंग संचालन के लिए शुल्क होगा निर्धारित
बैठक में पार्किंग सुविधा के संचालन से जुड़े विषय पर भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत पार्किंग संचालन के लिए शुल्क तय किया जाएगा।
इस संबंध में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य पार्किंग का संचालन व्यवस्थित तरीके से करना और इसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार का मानना है कि जिला न्यायालय परिसर में प्रस्तावित यह बहुमंजिला पार्किंग पिथौरागढ़ में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने में सहायक होगी।

