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Misleading Advertisements Case: FDA Seeks Responses from Shah Rukh Khan, Ajay Devgn and Tiger Shroff

शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ीं, सरोगेट विज्ञापन मामले में FDA ने मांगा जवाब

मुंबई। प्रतिबंधित तंबाकू और पान मसाला उत्पादों के कथित सरोगेट विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का मामला एक बार फिर चर्चा में है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को जारी किए गए नोटिस के जवाब प्राप्त कर लिए हैं। अब विभाग आगे की कार्रवाई से पहले उन्हें सुनवाई का एक और अवसर देगा। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 10 अक्टूबर को यह जानकारी दी।

यह मामला विमल इलायची के विज्ञापन से जुड़ा है। महाराष्ट्र FDA का आरोप है कि इस विज्ञापन के जरिए विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार किया जा सकता है। इसी आधार पर विभाग ने तीनों अभिनेताओं से उनके विज्ञापन में शामिल होने और ब्रांड के प्रचार से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, अभी तक मामले में अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

तुकाराम मुंढे ने कहा—कानून सबके लिए बराबर

मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 के दौरान FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर नियमों में छूट नहीं दी जा सकती।

मुंढे के मुताबिक, विभाग को तीनों अभिनेताओं की ओर से जवाब मिल चुके हैं। कुछ अभिनेताओं ने व्यक्तिगत सुनवाई का अनुरोध भी किया था। विभाग उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देगा और इसके बाद उपलब्ध तथ्यों तथा कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि मौजूदा कानूनों को लागू करने के उद्देश्य से की जा रही है।

क्या है सरोगेट विज्ञापन का पूरा मामला?

सरोगेट विज्ञापन ऐसी प्रचार रणनीति को कहा जाता है, जिसमें किसी प्रतिबंधित या सीमित उत्पाद का प्रत्यक्ष विज्ञापन करने के बजाय उससे जुड़े ब्रांड के दूसरे उत्पाद का प्रचार किया जाता है। ऐसे मामलों में यह जांच की जाती है कि विज्ञापन वास्तव में किस उत्पाद को बढ़ावा दे रहा है और क्या वह प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार करता है।

महाराष्ट्र FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन को इसी दृष्टिकोण से जांच के दायरे में लिया है। विभाग का कहना है कि विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए ब्रांड और प्रचार शैली के कारण प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार की आशंका है।

शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ इस विज्ञापन अभियान से जुड़े रहे हैं। FDA ने तीनों को नोटिस जारी कर उनकी भूमिका, विज्ञापन से संबंधित दस्तावेजों और नियमों के पालन के बारे में जानकारी मांगी थी।

किन कानूनी प्रावधानों के तहत हुई कार्रवाई?

महाराष्ट्र FDA ने इस मामले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों और खाद्य विज्ञापन से जुड़े नियमों का हवाला दिया है। अधिनियम की धारा 24 भ्रामक खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है, जबकि धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल पक्षों पर निर्धारित शर्तों के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है।

विभाग के अनुसार, विज्ञापन करने वाली मशहूर हस्तियों की भी जिम्मेदारी है कि वे किसी उत्पाद का प्रचार करने से पहले उसकी वैधता और लागू नियमों के अनुपालन की उचित जांच करें।

मुंढे ने कहा कि विज्ञापन में शामिल व्यक्ति केवल अपनी लोकप्रियता के आधार पर जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जा सकते हैं।

पहले भी जुर्माने की चेतावनी दे चुका है FDA

इस मामले में महाराष्ट्र FDA पहले ही संकेत दे चुका है कि यदि अभिनेताओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अगस्त 2026 में विभाग की ओर से बताया गया था कि संबंधित प्रावधानों के तहत 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। आगे की कार्रवाई मामले के तथ्यों और लागू कानून पर निर्भर करेगी।

हालांकि, तीनों अभिनेताओं के जवाब मिलने के बाद अब विभाग की ओर से सुनवाई और समीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। किसी भी अभिनेता के खिलाफ अंतिम दंडात्मक कार्रवाई को अभी तय मानना सही नहीं होगा।

सेलिब्रिटीज को विज्ञापन करते समय बरतनी होगी सावधानी

FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मशहूर हस्तियों से अपील की कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद, ब्रांड या प्रचार अभियान से जुड़ने से पहले पूरी सतर्कता बरतें। उनके मुताबिक, विज्ञापन का प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ता है, इसलिए प्रचार करने वालों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके संदेश से उपभोक्ताओं को गलत जानकारी न मिले और नियमों का उल्लंघन न हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य विज्ञापन से जुड़े नियम केवल प्रतिबंधित उत्पादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खाद्य पदार्थों के विज्ञापन और प्रचार पर व्यापक रूप से लागू होते हैं।

अब आगे क्या होगा?

महाराष्ट्र FDA अब तीनों अभिनेताओं के जवाबों और उनके पक्ष में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की समीक्षा करेगा। जिन लोगों ने अतिरिक्त सुनवाई मांगी है, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद विभाग कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई तय करेगा।

फिलहाल, शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से जुड़े इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि विमल इलायची के विज्ञापन को कानूनी रूप से स्वतंत्र उत्पाद का प्रचार माना जाएगा या जांच के आधार पर उसे प्रतिबंधित पान मसाला के कथित सरोगेट प्रचार के रूप में देखा जाएगा। इसका अंतिम निष्कर्ष विभागीय प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा।

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