लुधियाना की वोटर लिस्ट में भगत सिंह की तस्वीर पर विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल; प्रशासन ने कहा—गलती सुधार दी गई
लुधियाना, पंजाब। पंजाब के लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर एक मतदाता के नाम के सामने दिखाई देने के दावे ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे मतदाता सूची में कथित अनियमितता बताते हुए जांच की मांग की है। वहीं, जिला निर्वाचन कार्यालय ने इस दावे को भ्रामक बताते हुए कहा कि गलत तस्वीर पुरानी मतदाता सूची से ड्राफ्ट सूची में शामिल हो गई थी, लेकिन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान इसकी पहचान कर सुधार कर दिया गया।
बूथ नंबर 38 की मतदाता सूची में तस्वीर को लेकर सवाल
लुधियाना ईस्ट के पूर्व विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी (अर्बन) के अध्यक्ष संजय तलवाड़ ने मतदाता सूची में तस्वीरों से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उनके मुताबिक, विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 38 की मतदाता सूची में क्रम संख्या 422 पर एक मतदाता की तस्वीर के स्थान पर शहीद भगत सिंह की तस्वीर दिखाई दे रही थी।
संजय तलवाड़ ने दावा किया कि इसी बूथ की आठ अन्य प्रविष्टियों में भी गलत तस्वीरें होने की आशंका है। उन्होंने क्रम संख्या 5, 69, 397, 410, 747, 750, 983 और 990 का उल्लेख करते हुए इनकी जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि एक ही मतदान केंद्र की सूची में इतनी प्रविष्टियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने लुधियाना ईस्ट के सभी 235 मतदान केंद्रों के रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की, ताकि गलत तस्वीरों और दूसरी संभावित त्रुटियों का पता लगाया जा सके।
राजा वड़िंग ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
लुधियाना के सांसद और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाया। उन्होंने मतदाता सूची में भगत सिंह की तस्वीर दिखाई देने के दावे पर सवाल करते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा।
राजा वड़िंग ने कहा कि मतदाता सूची में इस तरह की कथित त्रुटियों की जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ऐसी गलतियां कैसे हुईं तथा इसके लिए जवाबदेही किसकी होगी।
उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने और उसके निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम और उससे जुड़ी जानकारी सही होना जरूरी है, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए रिकॉर्ड की शुद्धता महत्वपूर्ण है।
जिला प्रशासन ने क्या सफाई दी?
लुधियाना के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त हिमांशु जैन के कार्यालय ने इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। प्रशासन के मुताबिक, गलत तस्वीर पहले की मतदाता सूची में मौजूद थी और वही तस्वीर 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी चली आई थी।
अधिकारियों ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रही सत्यापन प्रक्रिया के दौरान इस त्रुटि का पता चला। इसके बाद संबंधित प्रविष्टि में तस्वीर सुधार दी गई।
प्रशासन ने भगत सिंह की तस्वीर मतदाता सूची में होने के दावे को भ्रामक बताया। उसके अनुसार, सही तस्वीर वाली अंतिम मतदाता सूची तैयार कर ली गई थी और इसे 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया जाना निर्धारित था।
SIR सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पकड़ी गई गलती
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन करना और जरूरी सुधार करना है। लुधियाना प्रशासन का कहना है कि संबंधित प्रविष्टि में गलत तस्वीर की पहचान इसी प्रक्रिया के दौरान हुई और उसे ठीक कर दिया गया।
हालांकि, कांग्रेस नेता संजय तलवाड़ ने बूथ नंबर 38 की अन्य प्रविष्टियों में भी तस्वीरों से जुड़ी गड़बड़ियों की आशंका जताई है। उन्होंने सभी 235 मतदान केंद्रों की सूचियों की समीक्षा की मांग की है।
इन अन्य प्रविष्टियों के संबंध में कांग्रेस के दावों और प्रशासन की ओर से पुष्टि किए गए सुधार को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में आठ अन्य प्रविष्टियों को लेकर किसी विस्तृत जांच के अंतिम निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है।
मतदाता सूची की शुद्धता पर उठी बहस
इस मामले ने पंजाब में मतदाता सूची तैयार करने और उसका सत्यापन करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है, जबकि प्रशासन का कहना है कि संबंधित तस्वीर की गलती सुधार दी गई है।
अब मामले में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि गलत तस्वीर पुरानी मतदाता सूची में कैसे शामिल हुई और भविष्य में इस तरह की त्रुटियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष: लुधियाना ईस्ट की मतदाता सूची में शहीद भगत सिंह की तस्वीर दिखाई देने के दावे पर कांग्रेस ने जांच की मांग की है। जिला प्रशासन के अनुसार, गलत तस्वीर पुरानी सूची से ड्राफ्ट सूची में आई थी और SIR सत्यापन के दौरान सुधार दी गई। बूथ नंबर 38 की अन्य प्रविष्टियों को लेकर लगाए गए दावों पर भी स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

