ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कोलकाता में TMC का मार्च, पुलिस ने रोका प्रदर्शन
कोलकाता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के छात्र और युवा विंग ने राजाबाजार से पार्क सर्कस तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद रैली की अनुमति और पुलिस को पूर्व सूचना देने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
प्रदर्शन के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। यह विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच हुआ, जिसे लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव बना हुआ है।
कुणाल घोष ने पुलिस पर लगाए आरोप
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने दावा किया कि पार्टी के छात्र और युवा विंग ने मार्च की जानकारी पुलिस को ईमेल के जरिए पहले ही दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिस और केंद्रीय बलों ने कोलकाता के कई इलाकों में रास्ते रोक दिए, जिससे प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे कार्यकर्ताओं को परेशानी हुई।
कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी का कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोककर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पुलिस कमिश्नर बोले—रैली की आधिकारिक सूचना नहीं मिली
दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय कुमार नंद ने टीएमसी के दावे से अलग बयान दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को प्रस्तावित रैली के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। उनके मुताबिक, किसी भी रैली के आयोजन के लिए लिखित आवेदन देना और प्रस्तावित मार्ग, संभावित भीड़ तथा यातायात व्यवस्था पर चर्चा करना जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि केवल पोस्टर या सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस व्यवस्था नहीं की जा सकती। इस तरह रैली की पूर्व सूचना और अनुमति को लेकर टीएमसी तथा पुलिस के बीच विवाद सामने आया है।
SIR को लेकर लगातार बढ़ रहा राजनीतिक विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूचियों की जांच को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। टीएमसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
ममता बनर्जी ने भी कहा है कि जब तक सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो जाते, तब तक पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
कोलकाता में प्रदर्शन से सियासी माहौल गरम
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलकाता में टीएमसी का प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है। मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने और अनुमति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने से विवाद और बढ़ गया है।
फिलहाल टीएमसी अपने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि रैली के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जारी राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

