कानपुर में हुक्का देने से इनकार पर हंगामा, कर्मचारियों से मारपीट के आरोप में दारोगा और सिपाही सस्पेंड
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में रेस्टोरेंट कर्मचारियों के साथ मारपीट और हंगामा करने के आरोप में एक दारोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। मामला स्वरूप नगर स्थित टर्न ऑन रेस्टोरेंट का है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात करीब ढाई बजे चार लोग रेस्टोरेंट पहुंचे थे। कर्मचारियों ने हुक्का देने से इनकार किया तो विवाद शुरू हो गया। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
हुक्का देने से मना करने पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात चार लोग टर्न ऑन रेस्टोरेंट पहुंचे। वहां कर्मचारियों ने उन्हें हुक्का देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर रेस्टोरेंट में हंगामा हुआ और कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई।
घटना में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे।
जांच रिपोर्ट के बाद दारोगा और सिपाही निलंबित
मामले की प्रारंभिक जांच एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर दारोगा रजनीश भाठी और सिपाही आदित्य यादव को निलंबित कर दिया गया।
बताया गया है कि दारोगा रजनीश भाठी बेगमगंज थाने में तैनात था, जबकि सिपाही आदित्य यादव एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत यादव के हमराही के रूप में कार्यरत था। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस रिकॉर्ड की जांच
घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा संबंधित पुलिसकर्मियों की लोकेशन और जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज आमद-रवानगी के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। जांच का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को स्पष्ट करना है।

