देहरादून में ऑपरेशन कालनेमि के तहत बड़ी कार्रवाई, वशीकरण के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में वशीकरण और तंत्र-मंत्र के जरिए समस्याएं दूर करने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत पटेलनगर पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने की आशंका सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है।
चमन विहार में छापेमारी कर दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 की रात पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो संदिग्ध व्यक्ति चमन विहार फेज-1 स्थित आशियाना होम्स में किराये पर रह रहे हैं। आरोप था कि दोनों वशीकरण के नाम पर लोगों को ठगने के लिए फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान शाहरुख निवासी मुजफ्फरनगर और सलमान निवासी शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस ने तलाशी के दौरान अलग-अलग नामों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले में पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा संख्या 753/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 3(5), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया पर खुद को बताते थे तांत्रिक और ज्योतिषाचार्य
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, शास्त्री और तांत्रिक बताकर विज्ञापन प्रसारित करते थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को पारिवारिक समस्याएं दूर करने, मनचाहा परिणाम दिलाने और तंत्र-मंत्र के उपायों से परेशानियों का समाधान करने का भरोसा दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विज्ञापनों में अपनी पहचान छिपाकर केवल मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे। इन नंबरों पर संपर्क करने वाले लोगों को कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और सिद्धि अनुष्ठानों के जरिए समस्याएं हल करने का आश्वासन दिया जाता था। इसके बाद उनसे पैसे लेकर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
पुलिस अब सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किए गए विज्ञापनों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित ठगी में कितने लोग प्रभावित हुए हैं।
फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर अलग-अलग नामों से दस्तावेज तैयार किए या उनका इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों में दिलनवाज पुत्र समीम और मोहम्मद भूरा के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
पुलिस का आरोप है कि किराये के पते सहित विभिन्न जानकारियों का इस्तेमाल करके अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए गए। इन खातों के जरिए ठगी से प्राप्त रकम का लेन-देन किए जाने की आशंका है।
पुलिस संबंधित बैंक खातों और वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित तौर पर ठगी की रकम किन खातों में जमा की गई, उसे कहां स्थानांतरित किया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
100 से अधिक लोगों से ठगी की आशंका
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने से जुड़ी जानकारी दी है। हालांकि, वास्तविक पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का नेटवर्क केवल देहरादून तक सीमित था या दूसरे राज्यों में भी लोगों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए लोगों, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने बरामद किए 8 आधार कार्ड और 10 एटीएम कार्ड
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कई दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, बरामदगी में शामिल हैं:
- अलग-अलग नामों के 8 आधार कार्ड
- विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम कार्ड
- 3 बैंक पासबुक
- 1 ड्राइविंग लाइसेंस
- 1 वोटर कार्ड
- 2 भरे हुए चेक
- ठगी में इस्तेमाल किया गया 1 जियो सिम कार्ड
- 1 मेट्रो कार्ड
- अन्य दस्तावेज
पुलिस बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि उनके इस्तेमाल, संबंधित बैंक खातों और कथित ठगी से जुड़े लेन-देन के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस की कार्रवाई
ऑपरेशन कालनेमि के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वशीकरण, तंत्र-मंत्र या चमत्कारी उपायों के नाम पर किए जाने वाले भ्रामक दावों से

