योगी आदित्यनाथ का बरेली में बड़ा बयान: बोले- अब लोग उपद्रव करना भूल चुके हैं, बेटियों की सुरक्षा पर भी दिया संदेश
बरेली, 13 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम और शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, धार्मिक गतिविधियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराध और अव्यवस्था की घटनाएं आम थीं, जबकि अब लोग उपद्रव करना भूल चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना और मूर्तियों की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बड़ी संख्या में मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं और मंदिरों में श्रद्धालु लगातार पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन 100 से 200 तक घटनाएं होती थीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता में बैठे लोग ही लूट-खसोट में शामिल रहते थे।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य के विकास की बुनियाद होती है। सुरक्षित माहौल होने से आम नागरिकों, व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं का भरोसा बढ़ता है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अपराध और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह संदेश देने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने के लिए उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। हालांकि, पिछली सरकारों और वर्तमान कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए आंकड़े मुख्यमंत्री के दावे हैं।
बेटियों की सुरक्षा पर सीएम योगी का सख्त संदेश
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों के साथ गलत हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कानून के कठोर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा तथा स्वाभिमान को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें महिलाएं बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में भाग ले सकें।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अपराधियों के मन में कानून का डर होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था को चुनौती देने की छूट नहीं दी जा सकती।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी की सौगात
बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों के योगदान को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये करने की घोषणा की गई। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 70 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। ग्राम प्रहरियों की सक्रियता से पुलिस को गांवों में होने वाली घटनाओं की जानकारी समय पर मिल सकती है, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।
शिक्षक सम्मेलन में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में शिक्षक सम्मेलन को भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों से संवाद और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में भी संवाद प्रस्तावित था।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल से निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति बेहतर होने से आम नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं का भरोसा बढ़ा है।
बरेली में दिया गया मुख्यमंत्री का यह संबोधन कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और ग्रामीण पुलिस व्यवस्था में ग्राम प्रहरियों की भूमिका पर केंद्रित रहा। सरकार ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी को उनके योगदान के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

