मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल की सजा पर आज फैसला, जेल में बेचैनी की खबर
मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में दोषी करार दिए गए मुस्कान और साहिल की सजा को लेकर सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। सजा के ऐलान से पहले दोनों दोषियों की मानसिक स्थिति और जेल में उनके व्यवहार को लेकर कई बातें सामने आई हैं। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों इस समय काफी चिंतित और परेशान बताए जा रहे हैं।
इस मामले ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं। अब दोषियों को क्या सजा मिलेगी, इसे लेकर लोगों में उत्सुकता है। हालांकि, सजा की वास्तविक अवधि और उसका स्वरूप अदालत के आदेश से ही स्पष्ट होगा।
सजा से पहले मुस्कान और साहिल की बेचैनी, खाने-पीने से लेकर परिवार से मुलाकात तक चर्चा
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, सजा के ऐलान से पहले मुस्कान और साहिल दोनों की मनोदशा को लेकर जेल प्रशासन सतर्क है। रिपोर्ट के अनुसार, दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों ने रात का खाना ठीक से नहीं खाया था। जेल अधिकारियों ने उनसे बातचीत की और समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी दोनों ने कम मात्रा में भोजन किया था।
जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों को नशे की लत से बाहर निकालने में भी शुरुआत में मुश्किलें आई थीं। इस प्रक्रिया में करीब तीन से चार महीने लगे। फिलहाल दोनों की दिनचर्या और व्यवहार पर नजर रखी जा रही है।
मुस्कान धार्मिक गतिविधियों में बिता रही समय
जेल अधीक्षक के मुताबिक, मुस्कान अब धार्मिक गतिविधियों में अधिक समय बिताती है। वह एकांत में रहना पसंद करती है और अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित बताई जा रही है। सजा के ऐलान से पहले उसकी बेचैनी की चर्चा भी सामने आई है।
वहीं, साहिल के व्यवहार को लेकर भी जेल प्रशासन ने जानकारी दी है। दोषी करार दिए जाने के बाद वह भावुक दिखाई दिया था। दोनों को अपनी सजा का इंतजार है। अदालत ही तय करेगी कि अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें क्या दंड दिया जाए।
बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान
इस मामले में मुस्कान की बेटी से मुलाकात का विषय भी चर्चा में है। जेल अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान अपनी बेटी से मिलना चाहती है और इसके लिए बेचैन है। उसने परिवार को पत्र लिखने की इच्छा भी जताई थी। जेल प्रशासन ने उसे नियमों के अनुसार पत्र लिखकर अपनी बात रखने की जानकारी दी।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान से मिलने अब तक परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर, साहिल से पहले उसकी दादी मिलने आती थीं और बाद में उसका भाई भी मिलने आने लगा। परिवार से मुलाकात और बेटी से मिलने की इच्छा मुस्कान के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बनी हुई है।
क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?
यह मामला मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ लौटे थे। कुछ दिन बाद, 3 मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई थी। आरोप है कि सौरभ के फोन से संदेश भेजकर परिवार को गुमराह करने की कोशिश भी की गई। 17 मार्च 2025 को मामले का खुलासा हुआ, जब घर में रखे नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद किए गए। इसके बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया।
22 गवाहों के बयान, 126 पेशियों के बाद फैसला
मामले की सुनवाई मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक चली। इस दौरान अदालत में कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों में सौरभ के परिवार के सदस्य और दोस्त शामिल थे। ड्रम, दवाइयां, चाकू, सीमेंट और रेत की खरीद से जुड़े तथ्यों को भी अदालत के सामने रखा गया।
17 सितंबर को मामले में अंतिम बहस पूरी हुई। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। अब 14 अक्टूबर को दोनों की सजा सुनाई जानी है।
सौरभ के परिवार ने की मृत्युदंड की मांग
अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। सौरभ के परिवार ने भी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। परिवार के लिए यह मामला न्याय और सौरभ को खोने के दर्द से जुड़ा है।
फिलहाल सभी की नजरें अदालत के फैसले पर हैं। मुस्कान और साहिल को किस तरह की सजा मिलेगी, यह अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

