News Bhadas 4 India
TrendingBihar News

Vaishali Boat Accident Bihar: 13 Children from Same Family Feared Dead

बिहार के वैशाली में दर्दनाक नाव हादसा, एक ही परिवार के 13 बच्चों की मौत से मचा कोहराम

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी के किनारे एक दर्दनाक नाव हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में एक ही परिवार के 13 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। जिस घर में बच्चों की हंसी-खुशी और भविष्य के सपने थे, वहां मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

इस हादसे का सबसे मार्मिक दृश्य उस मां का बताया जा रहा है, जिसने अपने बच्चों को खो दिया। बच्चों की मौत के बाद वह खुद को संभाल नहीं पा रही थी। मौके पर पहुंचीं जिलाधिकारी वर्षा सिंह के सामने भी परिवार का दर्द छलक पड़ा। यह घटना एक बार फिर नदी में नाव से यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

श्राद्ध का भोज खाने गए थे बच्चे, लौटते समय पलट गई नाव

जानकारी के मुताबिक, रामपुर श्यामचंद गांव के लोग गंगा नदी के पार एक गांव में श्राद्ध के भोज में शामिल होने जा रहे थे। मंगलवार, 13 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे लोग छोटी नाव से नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान राघोपुर क्षेत्र में नाव बीच नदी में पलट गई।

बताया जा रहा है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे और नाव की हालत भी ठीक नहीं थी। नाव पलटते ही उसमें सवार लोग पानी में डूबने लगे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।

एक ही परिवार के सात बच्चों की मौत

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक ही परिवार के सात बच्चों की जान चली गई। एक अन्य परिवार के पांच बच्चों की मौत की भी खबर है, जबकि तीसरे परिवार का एक बच्चा भी इस हादसे का शिकार हुआ। इस तरह कई परिवारों की खुशियां एक झटके में उजड़ गईं।

बच्चों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिन घरों में कुछ समय पहले तक बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा है। गांव में शोक का माहौल है और परिवारों को सांत्वना देने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

बच्चों के शवों से लिपटकर रोती रही मां, भावुक हुईं डीएम

हादसे के बाद जब मृतकों के शव अस्पताल लाए गए, तो वहां परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। सबसे मार्मिक दृश्य उस मां का था, जिसने अपनी सात बच्चियों को खो दिया। वह अपने बच्चों के शवों से लिपटकर रो रही थी और उसे संभालना मुश्किल हो रहा था।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह अस्पताल पहुंचीं तो परिवार का दर्द देखकर वह भी भावुक हो गईं। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।

प्रशासन और स्थानीय लोगों ने चलाया बचाव अभियान

नाव पलटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान में स्थानीय गोताखोरों और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद ली गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की गई, जबकि कई लोगों को सुरक्षित बचाया गया।

जर्जर नाव को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

इस हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाव की हालत खराब थी और उस पर जरूरत से ज्यादा लोग सवार थे। उनका कहना है कि नाव की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया गया होता, तो इस तरह की त्रासदी को रोका जा सकता था।

हालांकि, हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी। नदी पार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों की सुरक्षा, उनकी क्षमता और यात्रियों के लिए जरूरी इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया मुआवजे का ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों को आवश्यक मदद दी जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई।

पूरे गांव में मातम, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

वैशाली के राघोपुर में हुआ यह नाव हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है। एक साथ 13 बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिवार अपने बच्चों को खोने के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।

यह घटना नदी पार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब जरूरी है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

Related posts

Anant Singh JDU Expulsion: Pappu Yadav Attacks BJP and RSS Over Six-Year Ban

bhadas4india

BJP Scheduled Caste Morcha Dehradun Burns Effigy Over Congress Remarks

bhadas4india

Owaisi UP Assembly Election 2027: AIMIM Chief Vows to Stop BJP Government, Targets Akhilesh Yadav

bhadas4india

Leave a Comment