अंकिता भंडारी प्रकरण पर कांग्रेस कर रही असंवेदनशील राजनीति: अनुकृति गुसाईं, बोलीं- बड़े नेताओं में नारेबाजी की प्रतियोगिता
देहरादून, 15 अक्टूबर। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने कांग्रेस पर दिवंगत अंकिता के मामले में गैरजिम्मेदाराना और असंवेदनशील राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच नारेबाजी की प्रतियोगिता चल रही है और विपक्ष इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।
मीडिया से बातचीत में अनुकृति गुसाईं ने कहा कि राज्य सरकार ने अंकिता प्रकरण में पहले दिन से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन और कानूनी पैरवी तक कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि मजबूत कानूनी पैरवी के कारण आरोपियों को जमानत नहीं मिल सकी और मामले में तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
सरकार ने हर स्तर पर की कार्रवाई: अनुकृति गुसाईं
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अंकिता के परिजनों के साथ राज्य सरकार और प्रशासन लगातार खड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले में उठाए गए कदमों में पीड़ित परिवार की भावनाओं और मांगों का सम्मान किया गया। परिजनों की मांग पर सरकारी अधिवक्ता बदले गए और सीबीआई जांच के आदेश भी दिए गए।
अनुकृति गुसाईं के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अंकिता के पैतृक गांव पहुंचे थे और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा था। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी प्रदान कर परिवार को मुश्किल समय में सहायता देने का प्रयास किया गया।
ठोस सबूत हैं तो जांच एजेंसियों को दें: भाजपा
अनुकृति गुसाईं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल नारेबाजी और बयानबाजी से न्याय की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास मामले से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य है, तो उसे जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराध करने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा पीड़ित परिवार के साथ संवेदनशीलता से खड़ी है और न्याय से जुड़े प्रयासों में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता इस मामले में जनता के बीच भ्रम फैलाने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं के बीच नारेबाजी की प्रतियोगिता चल रही है और यह सब दिल्ली में बैठे नेतृत्व को खुश करने के लिए किया जा रहा है।
अनुकृति गुसाईं ने दावा किया कि जनता पूरे मामले की वास्तविकता जानती है और कांग्रेस की इस राजनीति का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड में लंबे समय से संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा जहां राज्य सरकार की कार्रवाई को न्याय की दिशा में उठाए गए कदम बता रही है, वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को लेकर भी लगातार बयानबाजी हो रही है।

