Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर असर
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में मामूली तेजी दर्ज की गई। वायदा बाजार में दोनों धातुओं के भाव बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशकों की नजर सोने और चांदी की कीमतों पर बनी हुई है।
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सुबह करीब 9:13 बजे चांदी का वायदा भाव 0.51 प्रतिशत बढ़कर 2,12,370 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। हालांकि, वायदा बाजार और स्थानीय सर्राफा बाजार में कीमतों में अंतर हो सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव से क्यों प्रभावित होता है सोना?
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बढ़ने पर निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। सोने को लंबे समय से ऐसे ही विकल्पों में गिना जाता है। इस कारण युद्ध, सैन्य कार्रवाई की आशंका और वैश्विक अनिश्चितता के दौरान सोने की मांग तथा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरों के बीच कीमती धातुओं के बाजार पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतें केवल भू-राजनीतिक घटनाओं से तय नहीं होतीं। डॉलर की चाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, ब्याज दरों की उम्मीदें और घरेलू मांग भी इन पर असर डालते हैं।
अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों से बढ़ी चिंता
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान पर दोबारा हमले के विकल्पों पर विचार किया है। इन विकल्पों में बड़े गैर-परमाणु बमों के इस्तेमाल की संभावना भी बताई गई है। ऐसी खबरों से क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
हालांकि, किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की खबर का मतलब यह नहीं है कि हमला निश्चित है। निवेशक घटनाक्रम और आधिकारिक बयानों पर नजर रखते हुए अपनी रणनीति तय करते हैं।
दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने के भाव
16 अक्टूबर को देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में सोने का खुदरा भाव स्थानीय मांग, टैक्स, ज्वेलरी बाजार और कारोबारियों के मूल्य निर्धारण के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
सोना खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है। इसके अलावा, ज्वेलरी की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए केवल प्रति 10 ग्राम सोने के भाव को देखकर गहनों की कुल कीमत तय नहीं करनी चाहिए।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता समझना बेहद जरूरी है।
- 24 कैरेट सोना: इसे सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। यह अपेक्षाकृत नरम होता है, इसलिए आम तौर पर इससे रोजमर्रा में पहने जाने वाले गहने नहीं बनाए जाते।
- 22 कैरेट सोना: इसमें अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे यह गहने बनाने के लिए अधिक मजबूत बनता है। आम तौर पर आभूषण इसी शुद्धता में बनाए जाते हैं।
गहने खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जानकारी जरूर जांचें। बिल में सोने का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और टैक्स का विवरण देखना भी जरूरी है।
चांदी की कीमत में भी तेजी
16 अक्टूबर को चांदी का वायदा भाव 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,12,370 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए इसकी कीमत पर निवेश की मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
चांदी खरीदने वाले ग्राहकों को भी स्थानीय बाजार का भाव जांचना चाहिए, क्योंकि खुदरा कीमत वायदा बाजार के भाव से अलग हो सकती है।
सोना-चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने या चांदी में निवेश अथवा खरीदारी करने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा खुदरा भाव जांचें।
- गहने खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की पुष्टि करें।
- मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स को जोड़कर कुल कीमत समझें।
- केवल अंतरराष्ट्रीय तनाव की खबरों के आधार पर निवेश का फैसला न लें।
- वायदा बाजार की कीमतों को स्थानीय दुकानों के खुदरा भाव के बराबर न मानें।
निष्कर्ष: 16 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की अनिश्चितता को लेकर चिंता बढ़ाई है, लेकिन कीमती धातुओं के भाव पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ता है। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट और सोने की शुद्धता की जांच करना जरूरी है।

