पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, पंचायत भवनों के लिए धन आवंटन के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड के पंचायतीराज मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पंचायतीराज विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में पंचायत भवनों की मरम्मत, नए पंचायत भवनों के निर्माण, कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने, लंबित नियमावलियों और विभाग के प्रशासनिक ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में पंचायतों को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायतों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में तेजी लाई जाए और संबंधित प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पंचायत भवनों के लिए तत्काल धन आवंटित करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि जिन पंचायत भवनों को मरम्मत की आवश्यकता है, उनकी मरम्मत के साथ-साथ नए पंचायत भवनों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यों के लिए तत्काल उपलब्ध धनराशि का आवंटन किया जाए, ताकि पंचायत स्तर पर आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने पंचायतों को स्थानीय विकास की महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। पंचायत भवनों की उपलब्धता और बेहतर स्थिति से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक एवं विकास संबंधी गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिल सकती है।
कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए प्रस्ताव लाने के निर्देश
मंत्री मदन कौशिक ने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत उपनल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न ब्लॉकों में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं बनाए रखने के विषय पर भी चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी छठे राज्य वित्त आयोग के अनुदान में कंटीजेंसी की व्यवस्था करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग में कंटीजेंसी की व्यवस्था बंद हो गई है। ऐसे में कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाएं जारी रखने के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
पंचायतीराज एक्ट 2016 के तहत नियमावलियां बनाने पर जोर
समीक्षा बैठक में पंचायतीराज एक्ट 2016 के अंतर्गत लंबित नियमावलियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मंत्री ने कहा कि इस अधिनियम को लागू हुए दस वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इसके तहत बनाई जाने वाली विभिन्न नियमावलियां अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन नियमावलियों को तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा सकें। नियमावलियों के निर्माण से पंचायतीराज विभाग के कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
न्यायालयों से जुड़े मामलों के निपटारे के निर्देश
मदन कौशिक ने विभाग से संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने संबंधित मामलों में नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त, मंत्री ने पंचायतीराज विभाग के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में पंचायतीराज विभाग के सचिव नितेश कुमार झा, संयुक्त सचिव अनिल कुमार पाण्डेय सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ पंचायतों के बुनियादी ढांचे, वित्तीय व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

