यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट मिलने का रास्ता साफ, गुजरात सरकार ने दी मंजूरी
उपशीर्षक: तांदलजा इलाके में आवास के पास स्थित नगर निगम की जमीन के आवंटन की प्रक्रिया करीब 14 साल बाद फिर आगे बढ़ी; मामला वर्ष 2012 से चर्चा में रहा है।
गांधीनगर/वडोदरा। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान को गुजरात के वडोदरा में विवादित जमीन आवंटित किए जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। गुजरात सरकार ने तांदलजा इलाके में उनके आवास के पास स्थित 978 वर्ग मीटर के नगर निकाय के प्लॉट के आवंटन की प्रक्रिया को मंजूरी दी है। इस मामले में करीब 14 साल बाद एक बार फिर कार्रवाई आगे बढ़ी है।
यह जमीन लंबे समय से विवाद का विषय रही है। वर्ष 2012 में यूसुफ पठान की ओर से इस प्लॉट को लेकर मामला सामने आया था। अब राज्य सरकार की मंजूरी के बाद जमीन के आवंटन की प्रक्रिया फिर चर्चा में है।
तांदलजा इलाके में स्थित है प्लॉट
प्रस्तावित प्लॉट वडोदरा के तांदलजा इलाके में यूसुफ पठान के आवास के पास स्थित बताया जा रहा है। इसका कुल क्षेत्रफल 978 वर्ग मीटर है और यह नगर निकाय की जमीन है। सरकारी जमीन के आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया और संबंधित मंजूरियां इस मामले का प्रमुख हिस्सा रही हैं।
राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद आवंटन का रास्ता खुला है। हालांकि, जमीन के हस्तांतरण और अन्य औपचारिकताओं की स्थिति संबंधित सरकारी आदेशों और रिकॉर्ड के अनुसार स्पष्ट होगी।
वर्ष 2012 में शुरू हुआ था मामला
इस प्लॉट को लेकर विवाद करीब 14 साल पुराना है। वर्ष 2012 में यूसुफ पठान के नाम से जमीन आवंटन का मामला सामने आया था। इसके बाद यह मुद्दा सरकारी जमीन के आवंटन और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा में रहा।
अब गुजरात सरकार की मंजूरी के बाद इस मामले में फिर से गतिविधियां तेज हुई हैं। लंबे समय से लंबित प्रक्रिया आगे बढ़ने के कारण यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
यूसुफ पठान का क्रिकेट से राजनीति तक का सफर
यूसुफ पठान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी हैं। वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और सीमित ओवरों के क्रिकेट में प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से लोकसभा सांसद बने।
वडोदरा में जमीन आवंटन का यह मामला उनके राजनीतिक जीवन के दौरान सामने आया है। फिलहाल इस खबर का केंद्र गुजरात सरकार की मंजूरी और नगर निकाय की जमीन से जुड़ी प्रक्रिया है।
आगे क्या होगा?
सरकार की मंजूरी के बाद अब आवंटन से संबंधित शेष प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं महत्वपूर्ण होंगी। अंतिम आवंटन, जमीन की कीमत और हस्तांतरण की शर्तों के बारे में स्पष्ट जानकारी संबंधित सरकारी दस्तावेजों से ही तय होगी।
इस मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी, क्योंकि यह सरकारी जमीन के आवंटन और लंबे समय से लंबित प्रक्रिया से जुड़ा है।

