रांची में राहुल गांधी पर बरसे BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, SIR और संविधान पर कांग्रेस को घेरा, हेमंत सरकार पर भी साधा निशाना
झारखंड BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नितिन नवीन ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), छात्रों के आंदोलन और हेमंत सोरेन सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भी उठाए सवाल।
रांची, 24 अक्टूबर 2026। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार को आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
नितिन नवीन ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर क्या रुख रखती है।
इसके साथ ही उन्होंने झारखंड में छात्रों के आंदोलन, रोजगार, विकास और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर साधा निशाना
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि देश में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता लगातार ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
नवीन ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
हालांकि, ये आरोप भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
SIR को लेकर कांग्रेस से पूछे सवाल
नितिन नवीन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मतदाता सूची को त्रुटिरहित रखने के लिए चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछा कि जब मतदाता सूची की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है तो उस पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार संदेह व्यक्त कर रही है।
SIR प्रक्रिया को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। विपक्षी दलों ने मतदाताओं के नाम हटने और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित होने की आशंका जताई है। वहीं, भाजपा इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता से जोड़कर देख रही है।
नितिन नवीन ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।
छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस को घेरा
झारखंड में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस दूसरे राज्यों में युवाओं के रोजगार, परीक्षाओं और छात्र आंदोलनों को लेकर सरकारों पर सवाल उठाती है, लेकिन झारखंड में सत्ता में भागीदार होने के बावजूद छात्रों की समस्याओं पर उसका रवैया अलग दिखाई देता है।
नितिन नवीन ने राज्य में युवाओं की मांगों और आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह झारखंड के छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लेकर उतनी मुखर क्यों नहीं है, जितनी अन्य राज्यों में दिखाई देती है।
हेमंत सोरेन सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने में विफल रही है और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड के लोगों ने विकास, रोजगार और बेहतर प्रशासन की उम्मीद के साथ सरकार चुनी थी। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता से किए गए वादों को पूरा करे।
उन्होंने राज्य में शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच जाने का आह्वान किया।
भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को किया याद
अपने संबोधन के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और पहचान से जुड़ा हुआ है। उनके योगदान ने झारखंड को एक विशिष्ट ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान दी है।
नितिन नवीन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने 15 नवंबर को मनाए जाने वाले झारखंड स्थापना दिवस का भी उल्लेख किया। यह दिन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसके जनजातीय इतिहास, प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है।
झारखंड में संगठन को मजबूत करने पर जोर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा संगठन की गतिविधियों और राजनीतिक रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई।
नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आम जनता से निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पार्टी की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और जनता की समस्याओं को उठाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि संगठन को गांव, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
झारखंड की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी
रांची में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नितिन नवीन के संबोधन के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
भाजपा जहां कांग्रेस और झारखंड सरकार पर रोजगार, शिक्षा तथा प्रशासनिक मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा भी केंद्र सरकार तथा भाजपा की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं।
मतदाता सूची के SIR, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और छात्रों के मुद्दों को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं।
ऐसे में भाजपा अध्यक्ष का यह संबोधन झारखंड में पार्टी की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस और झामुमो की प्रतिक्रिया पर नजर
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में राहुल गांधी, कांग्रेस और हेमंत सोरेन सरकार को लेकर कई राजनीतिक आरोप लगाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की ताजा आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस और राज्य सरकार भाजपा अध्यक्ष के आरोपों का किस तरह जवाब देती हैं।
फिलहाल रांची में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ने झारखंड में SIR, छात्रों के आंदोलन, रोजगार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

