Sri Lanka News: एयरबस रिश्वत मामले में नमल राजपक्षे को हाईकोर्ट का आदेश, 19 नवंबर को होना होगा पेश
श्रीलंका में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे और सांसद नमल राजपक्षे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोलंबो की हाईकोर्ट ने एयरबस विमान खरीद से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में उन्हें 19 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला श्रीलंकाई एयरलाइंस के लिए वाइड-बॉडी एयरबस विमानों की खरीद से जुड़ा है। आरोप है कि इस सौदे के सिलसिले में नमल राजपक्षे को 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की रिश्वत मिली थी।
हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अदालत की अंतिम सुनवाई तथा फैसले के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
हाईकोर्ट ने 19 नवंबर को पेश होने का दिया आदेश
बुधवार को नमल राजपक्षे को कोलंबो की तीन जजों वाली स्थायी हाईकोर्ट ट्रायल-एट-बार पीठ के सामने पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें अगली तारीख यानी 19 नवंबर को फिर से पेश होने का निर्देश दिया।
इससे पहले मामले की सुनवाई कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई थी। अब मामला हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ के सामने है। अदालत की ओर से अगली तारीख तय किए जाने के बाद इस मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही पर नजर बनी हुई है।
क्या है एयरबस विमान खरीद से जुड़ा मामला?
यह मामला श्रीलंकाई एयरलाइंस के लिए वाइड-बॉडी एयरबस विमानों की खरीद से संबंधित है। आरोपों के मुताबिक, विमान खरीद सौदे के दौरान कथित तौर पर रिश्वत का लेनदेन हुआ था और इस सिलसिले में नमल राजपक्षे को 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये मिलने का आरोप लगाया गया है।
विमान खरीद जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सौदों में वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कई स्तरों पर की जाती है। इस मामले में भी अदालत के सामने आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा साबित किया जाना बाकी है। इसलिए नमल राजपक्षे को दोषी ठहराया जाना अभी उचित नहीं होगा।
पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं नमल
नमल राजपक्षे श्रीलंका की श्रीलंका पोदुजना पेरामुना पार्टी के सांसद हैं। वह देश के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं।
महिंदा राजपक्षे श्रीलंका की राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और राष्ट्रपति पद पर रह चुके हैं। उनके परिवार का देश की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है।
ऐसे में नमल राजपक्षे से जुड़ा यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से चर्चा में है। हालांकि, किसी राजनीतिक परिवार से संबंध होने के आधार पर मामले के आरोपों या कानूनी नतीजों के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
आगे क्या होगा?
कोलंबो हाईकोर्ट ने नमल राजपक्षे को 19 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।
फिलहाल, एयरबस विमान खरीद से जुड़े कथित रिश्वत मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और आगे की सुनवाई के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों के संबंध में क्या निष्कर्ष निकलता है।
नोट: नमल राजपक्षे पर लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोप अभी न्यायिक विचाराधीन हैं। अंतिम निर्णय आने तक उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।

