मणिपुर BJP में अंदरूनी कलह पर बीरेन सिंह का बड़ा बयान, बोले- जनता का भरोसा जीतना जरूरी; CM पद पर वापसी की भी जताई मांग
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता एन. बीरेन सिंह ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की बीजेपी सरकार को जनता का खोया हुआ भरोसा वापस जीतने की सलाह दी है। उन्होंने पार्टी के अंदर गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर भी सवाल उठाए। बीरेन सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य बीजेपी के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश रची थी। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर की जनता उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले BJP को दी सलाह
मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य की मौजूदा बीजेपी सरकार को जनता के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत बताई है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को लोगों का खोया हुआ विश्वास और भरोसा वापस हासिल करने के लिए तुरंत काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी को अपने कामकाज और सरकार की योजनाओं के बारे में जनता को जानकारी देनी चाहिए, ताकि लोगों के बीच सरकार को लेकर भरोसा दोबारा कायम हो सके।
बीरेन सिंह ने चिंता जताई कि अगर सरकार जनता के बीच अपने कामों को प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचाती है तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है।
बोले- राज्य के कुछ नेताओं ने मेरे खिलाफ रची साजिश
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने मुख्यमंत्री पद से हटने को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 से उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया।
बीरेन सिंह ने कहा कि वह दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि राज्य के कुछ नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश रची थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कुछ विधायक यह स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि कांग्रेस से बीजेपी में आने के बाद भी वह दो बार मुख्यमंत्री कैसे बन गए। उनके मुताबिक, कुछ नेता बीजेपी को अपनी निजी संपत्ति समझते थे और इसी वजह से उन्होंने उनके खिलाफ योजना बनाई और उनसे इस्तीफा दिलवाया।
गौरतलब है कि बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ और फरवरी 2026 में वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई बीजेपी सरकार बनी।
हिंसा के लिए मुझे जिम्मेदार बताया, अब क्या हुआ?
मणिपुर में जातीय हिंसा को लेकर भी बीरेन सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने उन आरोपों पर सवाल उठाया, जिनमें उन्हें राज्य में ध्रुवीकरण और हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया तो भी राज्य में हिंसा क्यों जारी रही? उन्होंने नागा और कुकी समुदायों के बीच जारी तनाव तथा हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उनके हटने के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य क्यों नहीं हुए।
बीरेन सिंह ने कहा कि पहले उन पर बहुसंख्यक समुदाय का पक्ष लेने के आरोप लगाए जाते थे, लेकिन अब भी अलग-अलग समुदायों के बीच संघर्ष जारी है।
हालांकि, मणिपुर की हिंसा के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने दावे रहे हैं।
नशा विरोधी अभियान और अवैध प्रवासियों की पहचान पर उठाए सवाल
बीरेन सिंह ने मौजूदा सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी के जिन प्रमुख मुद्दों को लेकर पहले अभियान चलाए गए थे, उन पर अब उतनी सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने विशेष रूप से तीन मुद्दों का जिक्र किया:
- नशा विरोधी अभियान: उन्होंने कहा कि राज्य में ड्रग्स के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने की जरूरत है।
- अफीम की खेती पर कार्रवाई: उनके मुताबिक, अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भी अभियान जारी रहना चाहिए।
- अवैध प्रवासियों की पहचान: उन्होंने संदिग्ध अवैध प्रवासियों की बायोमेट्रिक पहचान की प्रक्रिया जारी रखने की बात कही।
बीरेन सिंह ने कहा कि अगर संदिग्ध अवैध प्रवासियों को तत्काल वापस भेजना संभव नहीं है तो कम से कम उनकी पहचान कर उन्हें निर्धारित शिविरों में रखने की व्यवस्था पर काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के समय इन अभियानों की जानकारी नियमित रूप से जनता के सामने रखी जाती थी। मौजूदा सरकार को भी अपने कामों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
क्या दोबारा मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं बीरेन सिंह?
इंटरव्यू के दौरान जब बीरेन सिंह से पूछा गया कि अगर बीजेपी दोबारा सत्ता में आती है तो क्या वह फिर मुख्यमंत्री बनना चाहेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना संभव नहीं है।
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि जनता के बीच उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की जोरदार मांग है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला चुनाव में बहुमत मिलने और पार्टी के निर्णय पर निर्भर करेगा।
बीरेन सिंह ने यह भी उम्मीद जताई कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मणिपुर के मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी के अंदर चल रही समस्याओं को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करेगा।
BJP की वापसी को बताया मणिपुर के भविष्य के लिए जरूरी
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी की वापसी का समर्थन करते हुए कहा कि मणिपुर का भविष्य सुरक्षित करने के लिए राज्य में बीजेपी की सरकार दोबारा बनना जरूरी है।
उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि वह जनता के बीच जाकर अपने कामों और योजनाओं को बताए। साथ ही सीमा पर बाड़ लगाने और संदिग्ध अवैध प्रवासियों की बायोमेट्रिक पहचान जैसे मुद्दों पर सरकार की प्रगति की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाए।
मणिपुर में चुनावी तैयारियां शुरू
मणिपुर में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चुनाव से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों के संचालन के लिए 11 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।
राज्य की 60 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले बीजेपी के सामने जातीय तनाव, राजनीतिक मतभेद और जनता के भरोसे से जुड़े कई मुद्दे हैं।
ऐसे समय में बीरेन सिंह का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव में बीजेपी की स्थिति क्या होगी, यह मतदाताओं के रुख और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

