लखनऊ में टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, UP ATS ने दो संदिग्धों को पकड़ा; पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में थे आरोपी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी वरिष्ठ अधिकारी को निशाना बनाकर टारगेट किलिंग करने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस साजिश को नाकाम कर दिया। मामले में दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में आरोपियों के पाकिस्तान में सक्रिय एक नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पाकिस्तान में बैठे एसबीएन (SBN) नेटवर्क के हैंडलर राणा भाई के संपर्क में थे। कथित तौर पर उन्हें लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी बड़े अधिकारी की हत्या करने का टारगेट दिया गया था। ATS अब इस पूरे नेटवर्क की गतिविधियों और आरोपियों को मिले निर्देशों की जांच कर रही है।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में थे आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों को कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर राणा भाई के जरिए निर्देश मिल रहे थे। इस नेटवर्क का मकसद लखनऊ में किसी वरिष्ठ पुलिस या सैन्य अधिकारी को निशाना बनाना था। इसके लिए आरोपियों को पहले शहर पहुंचकर रेकी करने और जरूरी जानकारियां जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
ATS को जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों से जुड़े अहम सुराग मिले। इसके बाद एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए कथित साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंचकर की रेकी
जांच में सामने आया है कि आरोपी 29 अक्टूबर की रात लखनऊ पहुंचे थे। शहर पहुंचने के बाद उन्होंने लखनऊ रेलवे स्टेशन की रेकी की और वहां का वीडियो बनाया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने यह वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर राणा भाई को भेजा था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि रेलवे स्टेशन की रेकी करने के पीछे आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या उन्होंने शहर में किसी अन्य संवेदनशील स्थान या व्यक्ति की भी जानकारी जुटाई थी।
अमृतसर से लखनऊ आने के लिए मिले थे 5 हजार रुपये
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को अमृतसर से लखनऊ पहुंचने के खर्च के लिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर राणा भाई ने 5 हजार रुपये भेजे थे। इसी रकम की मदद से वे लखनऊ पहुंचे और कथित तौर पर रेकी की गतिविधियों को अंजाम दिया।
जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए कितनी रकम देने का वादा किया गया था और इस नेटवर्क में उनके अलावा कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हत्या के बाद वीडियो भेजने पर 3 लाख रुपये देने का था वादा
पूछताछ में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आरोपियों को कथित तौर पर टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम देने के बाद उसका वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजना था। इसके बदले उन्हें 3 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था।
बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपियों ने नेपाल भागकर छिपने की योजना भी बनाई थी, ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें।
विदेशी पिस्टल और 20 कारतूस बरामद
ATS ने आरोपियों के कब्जे से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए हैं। जांच में आरोप है कि हथियार लखनऊ में नेटवर्क से जुड़े एक स्थानीय सहयोगी ने उपलब्ध कराए थे। एजेंसी हथियारों की सप्लाई और पाकिस्तान से उनके कथित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
आरोपियों के मोबाइल फोन की शुरुआती जांच में विदेशी नंबरों से बातचीत, संदिग्ध चैट और वीडियो मिले हैं। इसके अलावा संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं।
तीन युवक गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में
इस मामले में ATS ने पंजाब के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस निगरानी में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगनदीप सिंह, रजत कुमार और क्रिश के रूप में हुई है। ये सभी पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों, स्थानीय सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
कई धाराओं में मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
ATS थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आयुध अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसी आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर राणा भाई, स्थानीय नेटवर्क और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल ATS पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसियों का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि आरोपियों ने किन-किन संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नोट: उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में तीन वयस्क आरोपी गिरफ्तार और एक नाबालिग पुलिस निगरानी में लिया गया है। शुरुआती इनपुट में गिरफ्तारी की संख्या दो बताई गई थी।

