लखनऊ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराजगी जता रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
पोस्टर लेकर पहुंचे सपा कार्यकर्ता
प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपने साथ पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इन पोस्टरों पर लिखा था- ‘गुस्से में है सारा देश, इस्तीफा दे दो ज्ञानेश!’ कार्यकर्ता इसी नारे के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध जता रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हलचल देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली की महारैली के समर्थन में सियासी विरोध
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की ओर से महारैली आयोजित की गई थी। इस रैली में विपक्षी दलों ने कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
विपक्षी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक विरोध से जुड़ा माना जा रहा है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन का यह कार्यक्रम लोकतंत्र और संविधान का भद्दा मजाक है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश की जनता ने जनादेश देकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया है। इसके बावजूद विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के फैसले का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शन को राजनीतिक हताशा बताते हुए कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाया है और विपक्ष को उसका सम्मान करना चाहिए।
चुनाव आयोग को लेकर देशभर में बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में अनियमितताओं और वोट चोरी जैसे मामलों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।
वहीं, बीजेपी और उसके नेता विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश बता रहे हैं।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन और केशव प्रसाद मौर्य के पलटवार से उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।
फिलहाल लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सपा कार्यकर्ताओं की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। चुनाव आयोग, SIR और कथित वोट चोरी का मुद्दा आने वाले दिनों में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की वजह बन सकता है।

