यूपी पुलिस को मिले 4,543 नए दरोगा, CM योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र, बोले- भर्ती में नहीं चली सिफारिश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को शुक्रवार को 4,543 नए सब इंस्पेक्टर (दरोगा) मिल गए। लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर देते हुए नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि क्या चयन के दौरान किसी तरह की सिफारिश या दबाव का सामना करना पड़ा था?
मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों से पूछा, “चयन प्रक्रिया में कोई खामी रही? कहीं सिफारिश की जरूरत तो नहीं पड़ी? किसी ने धौंस देकर नियुक्ति पत्र तो नहीं दिलवाया?” उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
4,543 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के 4,543 चयनित सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में शामिल होना केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाना है।
उन्होंने कहा कि नए सब इंस्पेक्टरों को ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए रखना भी है।
भर्ती में सिफारिश और भ्रष्टाचार पर CM योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। उन्होंने अभ्यर्थियों से भर्ती प्रक्रिया के अनुभव के बारे में सवाल पूछते हुए यह जानने की कोशिश की कि कहीं किसी स्तर पर सिफारिश, दबाव या अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।
सीएम योगी ने भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भर्ती में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेईमानी से संपत्ति अर्जित करने वालों की संपत्ति जब्त करने का फैसला होगा तो उन्हें खुशी होगी।
9.5 साल में 9.5 लाख नियुक्ति पत्र देने का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में हुई भर्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में करीब 9.5 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। उनका कहना था कि युवाओं को बिना भेदभाव और सिफारिश के रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
नए सब इंस्पेक्टरों पर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सब इंस्पेक्टरों से कहा कि वर्दी के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। उन्हें कानून का पालन कराना है और आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। पुलिस थानों में आने वाले लोगों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए।
पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
उत्तर प्रदेश में पुलिस बल की संख्या और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 4,543 नए सब इंस्पेक्टरों की नियुक्ति से पुलिस विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलेगा। इससे थानों और अन्य पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियों के निर्वहन में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने नए पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी ट्रेनिंग और अनुभव का इस्तेमाल प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में करें। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि पुलिस सेवा में ईमानदारी, अनुशासन और जनता के प्रति जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण हैं।

