प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े शिष्य की मौत पर विवाद, 9 दिन बाद ट्रस्ट ने जारी की अपील
वृंदावन/मथुरा: वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। 25 सितंबर को हुई इस घटना के करीब नौ दिन बाद राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक अपील जारी की गई है। ट्रस्ट ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि पुलिस की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है और लोगों से अपुष्ट जानकारी, अफवाहों या अनुमानों के आधार पर कोई बात फैलाने से बचने की अपील की है।
25 सितंबर को हुई थी मौत
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 25 सितंबर को 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की गुरु कृपा कुंज भवन से गिरने के बाद मौत हो गई थी। यह भवन राधा केलि कुंज आश्रम के नजदीक है और यहां आश्रम से जुड़े कई साधक रहते हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की है। पुलिस के अनुसार फुटेज में दीपक छत से नीचे गिरते हुए दिखाई देता है।
मामले की परिस्थितियों को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन, कमरे और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की है। पुलिस के मुताबिक फिलहाल मामले की जांच जारी है और विष विज्ञान रिपोर्ट समेत अन्य रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है।
शरीर पर गंभीर चोटों की बात
मामले में पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच से जुड़ी रिपोर्टों में मृतक के शरीर पर कई चोटों का उल्लेख सामने आया है। उसके निजी अंग पर गंभीर चोट या कटे होने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। इस वजह से परिजनों और अन्य लोगों की ओर से घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह और घटना का पूरा क्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में किसी साजिश की पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। इसलिए घटना को लेकर सामने आ रहे आरोपों और अटकलों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे
दीपक लोधी के परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। शनिवार को परिजन आश्रम के बाहर भी पहुंचे और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की। परिवार की ओर से घटना को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं, खासकर इस बात को लेकर कि दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके शरीर पर गंभीर चोट कैसे आई।
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र याचिका भेजे जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। इसमें न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच या मजिस्ट्रियल जांच की मांग की गई है।
नौ दिन बाद ट्रस्ट की अपील
विवाद बढ़ने के बीच राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने शनिवार शाम सोशल मीडिया के माध्यम से अपना संदेश जारी किया। ट्रस्ट ने रसिक दुलारी शरण की मौत पर दुख व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई। ट्रस्ट ने कहा कि पुलिस प्रशासन की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर बयान या प्रचार न किया जाए। ट्रस्ट ने कहा कि उसे पुलिस-प्रशासन की जांच पर भरोसा है और जांच के जरिए घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।
जांच के नतीजे का इंतजार
रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर फिलहाल कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन घटना की अंतिम वजह और परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, फोरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम और अन्य रिपोर्टों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
ऐसे में ट्रस्ट की अपील के बाद अब मामले की जांच और उसके निष्कर्ष पर नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शरीर पर मिली चोटों से जुड़ी परिस्थितियों की वास्तविक वजह क्या थी।

