मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B का रीडेवलपमेंट जनवरी 2027 से, 91% ट्रैफिक रहेगा अप्रभावित
मुंबई: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से का चरणबद्ध तरीके से रीडेवलपमेंट जनवरी 2027 से शुरू किया जाएगा। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के संचालन वाले मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया है। कंपनी के मुताबिक, इस काम के दौरान मुंबई एयरपोर्ट का करीब 91 फीसदी यात्री ट्रैफिक अप्रभावित रहेगा।
60 साल पुरानी बिल्डिंग का होगा रीडेवलपमेंट
टर्मिनल 1B का उत्तरी हिस्सा करीब 60 साल पुराना है। MIAL के मुताबिक, इस इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं और अब चरणबद्ध तरीके से इसके रीडेवलपमेंट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पहले चरण में टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से को हटाया जाएगा। यह हिस्सा टर्मिनल 1 की कुल क्षमता के करीब एक-तिहाई के बराबर है। चरणबद्ध काम का उद्देश्य यात्रियों और एयरलाइंस पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
5 मिलियन यात्रियों पर पड़ेगा अस्थायी असर
मुंबई एयरपोर्ट से हर साल करीब 5.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। रीडेवलपमेंट के पहले चरण में लगभग 50 लाख यात्रियों की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित होगी, जो कुल यात्री ट्रैफिक का करीब 9 फीसदी है।
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के CEO अरुण बंसल ने कहा कि 91 फीसदी यात्री ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सिर्फ टर्मिनल 1B के उत्तरी हिस्से को पहले चरण में हटाया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और एयरपोर्ट का संचालन बड़े स्तर पर बाधित न हो।
एयरलाइंस को नवी मुंबई एयरपोर्ट का विकल्प
रीडेवलपमेंट के दौरान प्रभावित एयरलाइंस को अपने कुछ ऑपरेशन अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने का विकल्प दिया गया है। AAHL ने कहा है कि इस ट्रांजिशन के दौरान एयरलाइंस को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट पर ऑपरेशन का ट्रांसफर स्थायी नहीं होगा। रीडेवलपमेंट पूरा होने के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक स्लॉट्स को बहाल किया जाएगा और अतिरिक्त स्लॉट्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
टर्मिनल 1 की क्षमता 33 फीसदी बढ़ेगी
रीडेवलपमेंट पूरा होने के बाद मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 की यात्री क्षमता में करीब 33 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में टर्मिनल 1 की क्षमता लगभग 1.5 करोड़ यात्री प्रति वर्ष है, जिसे बढ़ाकर करीब 2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष किया जाएगा।
इससे भविष्य में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और मुंबई के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव कम करने में सहायता मिलेगी।
सुरक्षा को बताया गया मुख्य कारण
एयरपोर्ट ऑपरेटर के मुताबिक, टर्मिनल 1 की सुरक्षा को लेकर कई वर्षों से चिंता बनी हुई थी। अब तक अस्थायी उपायों के जरिए संचालन जारी रखा गया था, क्योंकि यात्रियों और एयरलाइंस के लिए कोई व्यावहारिक वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।
कंपनी के अनुसार, अप्रैल 2026 में टर्मिनल 1 में हुई आग की घटना के बाद पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े जोखिम और ज्यादा गंभीर हो गए। अब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन में आने के बाद टर्मिनल 1 का चरणबद्ध रीडेवलपमेंट करना संभव हो गया है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगी मदद
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई एयरपोर्ट के रीडेवलपमेंट के दौरान महत्वपूर्ण वैकल्पिक सुविधा के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। AAHL के मुताबिक, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस में 100 फीसदी छूट की पेशकश की जा रही है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) के अंतर की भरपाई के लिए कैश वाउचर देने की भी योजना है।
यात्रियों को क्या करना होगा?
रीडेवलपमेंट के दौरान जिन यात्रियों की एयरलाइंस या उड़ानें प्रभावित होंगी, उन्हें एयरलाइन की ओर से एयरपोर्ट और टर्मिनल से जुड़ी जानकारी की जांच करनी होगी। कुछ सेवाओं को अस्थायी तौर पर नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
एयरपोर्ट ऑपरेटर का कहना है कि काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि मुंबई की हवाई कनेक्टिविटी पर बड़े स्तर पर असर न पड़े।
2027 में शुरू होगा बड़ा बदलाव
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B का रीडेवलपमेंट शहर के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जनवरी 2027 से शुरू होने वाले पहले चरण में उत्तरी हिस्से को हटाया जाएगा। इसके बाद टर्मिनल 1 की क्षमता 15 मिलियन से बढ़कर करीब 20 मिलियन यात्रियों सालाना हो जाएगी।
अडानी एयरपोर्ट्स का कहना है कि चरणबद्ध रीडेवलपमेंट से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एयरपोर्ट का संचालन जारी रखा जा सकेगा।

