नाना पाटेकर को पीएम मोदी की श्रद्धांजलि, बोले- उनका जाना भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति
नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा में निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल में करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नाना पाटेकर की अभिनय शैली में एक अलग तरह की गहराई, व्यक्तित्व और प्रभाव था। पीएम ने उनके अलग-अलग किरदारों और हिंदी-मराठी सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।
PM मोदी ने याद किया नाना पाटेकर का अंदाज
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपनी विविधता और रचनात्मकता से हर किरदार को खास बनाया। उनके निभाए किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे। पीएम ने उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचकिचाते थे।
पीएम मोदी ने नाना पाटेकर के परिवार, दोस्तों और उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
75 साल की उम्र में हुआ निधन
नाना पाटेकर को गुरुवार तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। कई कलाकारों और नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पांच दशक से ज्यादा का शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक तक हिंदी और मराठी सिनेमा में काम किया। उन्होंने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से फिल्मी सफर शुरू किया था। आगे चलकर ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘सलाम बॉम्बे!’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई।
उनकी खास संवाद अदायगी, गंभीर अभिनय और जटिल किरदारों को निभाने की क्षमता ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग कलाकारों में शामिल किया।
तीन बार मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड
नाना पाटेकर को अपने करियर में तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। उन्हें ‘परिंदा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, ‘क्रांतिवीर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और ‘अग्निसाक्षी’ के लिए फिर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।
पुणे में होगा अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के डोंजे गांव स्थित उनके फार्महाउस में किए जाने की जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला किया है।
नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया। वह ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मदद के लिए काम करते रहे। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसकी अपनी अलग पहचान, आवाज और अभिनय शैली थी।

