जोशीमठ में 7-8 KM लंबा जाम, बद्रीनाथ यात्रा पर निकले हजारों यात्री घंटों फंसे
जोशीमठ। बद्रीनाथ धाम की यात्रा के बीच उत्तराखंड के जोशीमठ में यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच यहां एक बार फिर करीब 7 से 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पेट्रोल पंप के पास से शुरू हुई वाहनों की कतार नरसिंह मंदिर और मारवाड़ी चौक होते हुए जोगीधारा तक पहुंच गई। इस जाम में बद्रीनाथ धाम की ओर जाने वाले यात्रियों के साथ स्थानीय लोग भी फंसे रहे।
पेट्रोल पंप से जोगीधारा तक लगी वाहनों की कतार
जोशीमठ में लगे जाम की तस्वीरें सड़क पर वाहनों के भारी दबाव को साफ दिखा रही हैं। पेट्रोल पंप के पास से शुरू हुई कतार नरसिंह मंदिर, मारवाड़ी चौक होते हुए जोगीधारा तक पहुंची। संकरे पहाड़ी मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
बद्रीनाथ धाम में पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। इसके अलावा मौसम में ठंड बढ़ने के कारण पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। इससे बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
एक से तीन घंटे तक इंतजार
जाम में फंसे यात्रियों को कई जगहों पर एक से दो घंटे और कुछ स्थानों पर करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। बद्रीनाथ धाम की ओर जा रहे श्रद्धालु अपने वाहनों में बैठकर यातायात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
जोशीमठ-मारवाड़ी मार्ग पहले से ही कई जगह संकरा है। ऐसे में दोनों तरफ से वाहनों का दबाव बढ़ने पर यातायात को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इससे स्थानीय लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गेट सिस्टम से नियंत्रित किया जा रहा ट्रैफिक
जोशीमठ में यातायात को नियंत्रित करने के लिए गेट सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत पेट्रोल पंप के पास वाहनों को रोककर एक दिशा में यातायात को आगे बढ़ाया जाता है। करीब एक घंटे तक एक तरफ के वाहनों को निकालने के बाद दूसरी दिशा का ट्रैफिक संचालित किया जाता है।
हालांकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण यह व्यवस्था भी दबाव में नजर आ रही है। वाहनों की संख्या अधिक होने से एक दिशा का यातायात निकालने के बाद दूसरी तरफ लंबी कतार बन जा रही है।
बद्रीनाथ यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
इस साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 8 अक्टूबर तक 19 लाख 13 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। रोजाना करीब 14 से 18 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इससे यात्रा मार्ग पर वाहनों की संख्या भी बढ़ी है।
मौसम में ठंड बढ़ने और यात्रा का समय सीमित होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। ऐसे में जोशीमठ जैसे संवेदनशील और संकरे मार्गों पर यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यातायात व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती
बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर बढ़ती भीड़ के बीच जोशीमठ में बार-बार लग रहा जाम यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है। फिलहाल गेट सिस्टम के जरिए वाहनों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 8 अक्टूबर के चारधाम सेक्टर अपडेट में जोशीमठ से बद्रीनाथ-हेमकुंड साहिब मार्ग के लिए हल्की बारिश का पूर्वानुमान दर्ज किया गया था। पहाड़ी मार्ग पर मौसम और बढ़ते यातायात का असर भी सफर की रफ्तार पर पड़ सकता है।

