रेखा आर्य के प्रति सहानुभूति, लेकिन ₹210 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति पर जवाब देना होगा: गणेश गोदियाल
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की सार्वजनिक स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच की मांग, जांच पूरी होने तक मंत्री पद से इस्तीफे पर विचार करने की बात कही
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना हुई है, तो उनके प्रति पूरी सहानुभूति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी महिला के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़े गंभीर आरोपों पर जवाबदेही भी जरूरी है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि मंत्री रेखा आर्य का रोते हुए वीडियो सामने आने के बाद यदि उनके साथ दुर्व्यवहार या प्रताड़ना की गई है, तो यह गंभीर विषय है। उत्तराखंड की बेटी होने के नाते उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।
हालांकि, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले के दूसरे पहलू को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने रेखा आर्य के पति को लेकर ₹210 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति और स्कूली बच्चों के मिड-डे मील के राशन से संबंधित सामने आए आरोपों का उल्लेख किया। गोदियाल के मुताबिक, इन आरोपों की सच्चाई सामने आनी चाहिए और संबंधित पक्षों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग
गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री रेखा आर्य से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब किसी कैबिनेट मंत्री से जुड़े गंभीर आरोप सामने आते हैं, तो मामला केवल व्यक्तिगत सहानुभूति तक सीमित नहीं रह जाता। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को आरोपों की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए। यदि आरोपों में तथ्य हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं, तो संबंधित पक्षों को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच और इस्तीफे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्री पद की गरिमा और जनहित को ध्यान में रखते हुए जांच प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश न रहे।
गोदियाल ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक मंत्री पद से इस्तीफे की मांग पर विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और नैतिक जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, संबंधित आरोपों की पुष्टि निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए।
महिलाओं के सम्मान और जनहित पर सरकार को देना होगा जवाब
गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगने पर बिना जांच के उसे दोषी नहीं माना जा सकता, लेकिन गंभीर आरोपों को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि आरोप चाहे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हों, सच्चाई सामने आनी चाहिए। यदि जांच में किसी की संलिप्तता साबित होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस पूरे मामले में कांग्रेस ने रेखा आर्य के प्रति सहानुभूति जताने के साथ-साथ कथित संपत्ति और मिड-डे मील राशन से जुड़े आरोपों पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। अब इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

