‘रिजीम चेंज’ की बहस पर रवि किशन का विपक्ष पर हमला, बोले- सरकार बदलनी है तो जनता के बीच जाएं
पटना। बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बहस को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना है। अगर विपक्ष सरकार बदलना चाहता है, तो उसे जनता के बीच जाना चाहिए और चुनाव के जरिए लोगों का समर्थन हासिल करना चाहिए।
रवि किशन ने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है। किसी भी राजनीतिक दल को सत्ता में बदलाव की मांग करने से पहले जनता का विश्वास जीतना चाहिए। उनके बयान को मौजूदा राजनीतिक माहौल में विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर बीजेपी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी, प्रशांत किशोर और ध्रुव राठी का किया जिक्र
रवि किशन ने अपने बयान में राहुल गांधी, प्रशांत किशोर और ध्रुव राठी का नाम लेते हुए विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता विपक्ष की मंशा को समझती है। हालांकि, विपक्षी नेताओं और टिप्पणीकारों की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आई, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
बीजेपी सांसद का कहना था कि देश में सरकार चुनने का फैसला मतदाता करते हैं। ऐसे में यदि विपक्ष मौजूदा सरकार को बदलना चाहता है, तो उसे जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत समर्थन हासिल करना चाहिए।
क्या है ‘रिजीम चेंज’ का विवाद?
‘रिजीम चेंज’ का सामान्य अर्थ किसी देश में सत्ता या सरकार में बदलाव से है। भारतीय राजनीति में इस शब्द को लेकर बहस उस समय तेज हुई, जब विपक्षी दलों और नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। बीजेपी नेताओं का तर्क है कि सरकार बदलने का रास्ता चुनाव और जनता का जनादेश है, जबकि विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
सत्ता परिवर्तन पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
रवि किशन के बयान से ‘रिजीम चेंज’ को लेकर जारी राजनीतिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है। बीजेपी विपक्ष की मांगों को जनता के जनादेश से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि विपक्षी दल सरकार और चुनावी व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखते रहे हैं।
भारतीय लोकतंत्र में सरकार का गठन और बदलाव चुनाव के माध्यम से होता है। ऐसे में सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर चल रही यह बहस आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रह सकती है।

