देहरादून में ब्लैकमेलिंग के आरोप में तथाकथित पत्रकार गिरफ्तार, कारोबारी से मांगे थे 5 लाख रुपये
उपशीर्षक: प्रॉपर्टी कारोबारी को खबर प्रसारित कर बदनाम करने की कथित धमकी; पुलिस ने 50 हजार रुपये ट्रांसफर होने की बात कही, तीन मोबाइल फोन और डायरी बरामद
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में न्यूज प्लेटफॉर्म की आड़ में कथित ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक प्रॉपर्टी कारोबारी से पांच लाख रुपये मांगने और खबर प्रसारित कर उसे बदनाम करने की धमकी देने के आरोप में अनुज अग्रवाल नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने धमकी से डरकर आरोपी के बताए बैंक खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल फोन में कई लोगों के गोपनीय वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों की भी पड़ताल कर रही है।
प्रॉपर्टी कारोबारी से पांच लाख रुपये मांगने का आरोप
मामला पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र का है। प्रॉपर्टी कारोबारी तनवीर खान ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने खुद को न्यूज प्लेटफॉर्म का संचालक बताते हुए उनसे संपर्क किया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ी खबरें प्रसारित करने और उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी।
आरोप है कि खबरें चलाकर कारोबारी को नुकसान पहुंचाने की बात कहते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, धमकी से परेशान होकर उन्होंने आरोपी की ओर से बताए गए एक्सिस बैंक खाते में 50 हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद कथित तौर पर बाकी रकम की मांग की गई और गाली-गलौज तथा धमकी भी दी गई।
पुलिस ने आईएसबीटी के पास से किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता से संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान अनुज अग्रवाल के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने 19 अक्टूबर की रात पटेलनगर क्षेत्र में आईएसबीटी के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों, शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित लेनदेन की जांच कर रही है।
तीन मोबाइल फोन और डायरी बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई। पुलिस का दावा है कि डायरी में मोबाइल फोन छिपाने के लिए एक विशेष सीक्रेट चैंबर बनाया गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के मोबाइल फोन से कई व्यक्तियों के गोपनीय वीडियो मिलने की बात सामने आई है। इन वीडियो की प्रकृति, उन्हें रिकॉर्ड किए जाने की परिस्थितियों और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का निवासी है और वर्तमान में देहरादून के क्लेमेंट टाउन क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में उसे पटेलनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट समेत विभिन्न मामलों में पहले भी मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, पंजाब, ओडिशा और गुजरात में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की सूचना की संबंधित राज्यों से पुष्टि की जा रही है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में कथित तौर पर वसूली गई रकम, बैंक खाते से जुड़े विवरण, मोबाइल फोन में मिले वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

